Noida News : नागर के राजनीतिक कैरियर को हासिए पर लाने वालों की नींद हुई हराम, स्वागत में उमड़ा जन सैलाब
Noida News : भारतीय जनता पार्टी ने अपने सबसे पुराने, निष्ठावान और समर्पित पुरोधा नवाब सिंह नागर को पश्चिम यूपी का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाकर संदेश दिया है कि भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की हमेशा कद्र होती है। नवाब सिंह नागर के पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने से भारतीय जनता पार्टी काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। वह एक मझे हुए व्यवहार कुशल, समर्पित और मृदु भाषी नेता हैं। वह अपने कार्यकर्ताओं के दुख सुख में हमेशा साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने नोएडा शहर में शुरुआत से ही भाजपा की जड़ जमाने में एक अहम भूमिका निभाई है।
भाजपा का झंडा किया बुलंद
भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद वर्ष 1986 में नोएडा महानगर का गठन हुआ था। उसमें लगातार तीन बार वह मंडल अध्यक्ष रहे। नवाब सिंह नागर भारतीय जनता पार्टी के टिकट से पहली बार वर्ष 1993 में चुनाव लड़े। कुछ हजार वोटो से वह पहला चुनाव हार गए। उसके बाद उन्होंने वर्ष 1996 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। और जीत हासिल की। उसके बाद वह वर्ष 2002 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की। इस बीच वह उत्तर प्रदेश में सिंचाई राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में काफी दिनों तक मंत्री रहे। 2007 और वर्ष 2012 का दादरी विधान सभा का चुनाव वह बसपा प्रत्याशी से हार गए। वर्ष 2017 मे उनका टिकट कट गया तथा तेजपाल नागर को दादरी से बीजेपी से टिकट दिया गया। जिन्होंने जीत हासिल की। इसके बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें वर्ष 2019 में गन्ना संस्थान का चेयरमैन बनाया। नवाब सिंह नागर हमेशा बीजेपी से जुड़े रहे। उनके समय के नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक प्रधान, पूर्व कैबिनेट मंत्री रवि गौतम आदि ने समय के हिसाब से पार्टी बदली, लेकिन वह भाजपा का दामन थामें रहे।
राजनैतिक गुंडई से किया किनारा
नवाब सिंह नागर नोएडा शहर के भाजपा के पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने उस समय चल रहक राजनीतिक गुंडागर्दी से अलग शहर के निवासियों, उद्यमियों, व्यापारियों में बीजेपी की पैठ बनाई। वह लगातार लोगों से मिलते रहे। लोगों के साथ जुड़े रहे और उनके दुख: सुख में साथ खड़े रहे। 90 के दशक में नोएडा दादरी क्षेत्र में राजनीति को गुंडाराज का पर्याय माना जाता था। यहां के उद्यमी, नागरिक, व्यापारी भय के माहौल में जीते थे। बिना रंगदारी दिए कोई व्यवसाय चलाना आसान नहीं था। आए दिन गैगवार की खबरें आती थी। उत्तर प्रदेश मे "गुंडाराज" का अलंकार भी नोएडा से ही मिला। जब एक विधायक ने स्कूल मे दाखिला नहीं मिलने पर एक प्रिंसिपल को जमकर पीटा और उन्हें काफी दिनों तक वेंटिलेटर पर रहना पड़ा था। तब भाजपा के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा में कहा था कि यूपी में गुंडाराज है। नवाब सिंह नागर ने कभी भी अपराधियों को राजनीतिक शरण नहीं दी, और ना ही इस तरह की किसी विवाद में पड़े।
राजनीतिक गुरु की मौत के बाद बढ़ा कद
उनके राजनीतिक गुरु प्रवीन भाटी की दुखद मौत के बाद नवाब सिंह नागर का बीजेपी में कद बढा तथा उन्हें भाजपा ने प्रत्याशी के रूप में 1993 में दादरी विधानसभा नोएडा से टिकट दिया। भाजपा के राजनीति के जानकारों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर बिरादरी के लोग बाहुल्य संख्या में है। ठाकुर, ब्राह्मण, गुर्जर और दलित समाज के समीकरण से भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक तरफा जीत हासिल करेगी। वही नवाब सिंह नागर के क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जनपद गौतम बुद्ध नगर के कुछ नेताओं की नींद उड़ गई है। चर्चा है कि जिन लोगों ने उन्हें राजनीतिक रूप से धोखा दिया, उनके पर कतरे जा सकते हैं। गौतम बुद्ध नगर के एक विधायक के टिकट कटने की जोरदार चर्चा है। भाजपा के तीन नेता उस विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। एक पूर्व मंत्री के बेटे का टिकट लगभग तय माना जा रहा है। बताया जाता है कि उक्त पूर्व मंत्री के बेटे को सांसद का भी आशीर्वाद प्राप्त है। नवाब सिंह नागर को कदम -कदम पर धोखा देने वाले एक राज्यसभा सांसद भी उनके क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने से काफी चिंतित हैं। वैसे नवाज सिंह नागर के पक्ष के लोगों का कहना है कि वह बदला लेने की राजनित नही करते है। वह भाजपा कार्यकर्ताओं को एकजुट करके वह 2027 के चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के प्रति समर्पित हैं। लेकिन चर्चा है कि जिन लोगों ने उन्हें पल-पल पर धोखा दिया और उनकी राजनीतिक जीवन को समाप्त करने की कोशिश की वह उनसे वह बदला जरूर लेंगे।
बड़ों का सम्मान और मृदुल व्यवहार आया काम
भाजपा सूत्रों के अनुसार नवाब सिंह नागर के क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने में सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने हर देवी देवता को प्रसन्न किया। उन्होंने 90 के दशक के जितने भी भाजपा के बड़े नेता थे, उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा। उनसे जाकर मिले। उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उन्हें अपने पक्ष में खड़ा कर दिया। उन्होंने प्रदेश स्तर से लेकर आला कमान तक इस बात को रखा कि वह भाजपा के पुराने, निष्ठावान, समर्पित कार्यकर्ता हैं। कुछ लोगों के चलते वह हासीए आ गए है। उन्हें अगर मौका मिलेगा तो वह पार्टी के मान सम्मान को बढ़ाने का भरपूर प्रयास करेंगे। नवाब सिंह नागर की यह मेहनत रंग लाई। उनके पक्ष में एक सकारात्मक माहौल बना और उनका नाम पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में घोषित किया गया।

