Ghaziabad News : एक्स मुस्लिम सलीम गिरफ्तार, बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में हुई थी सजा, खुद को कर चुका था मृत घोषित
Ghaziabad News : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने थाना लोनी क्षेत्र से एक मुस्लिम सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की उम्र 54 साल है। वह इस्लाम पर टिप्पणी और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण चर्चित रहा। सलीम वर्ष 1995 में 13 साल के छात्र संदीप बंसल के अपहरण और उसकी हत्या के मामले में वांटेड था। कोर्ट ने सलीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, इसके बाद वो जमानत पर बाहर आया था। जमानत पर बाहर आने के बाद से वो फरार चल रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 20 जनवरी, 1995 को संदीप बंसल सुबह करीब 11:30 बजे घर से स्कूल के लिए निकला था। उसकी स्कूल की दूसरी पाली दोपहर 12:30 से शाम 6:30 बजे तक थी। शाम 7:30 बजे तक घर न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। अगले दिन 21 जनवरी को करीब 12:10 बजे उसके पिता के पास फोन आया, जिसमें बताया गया कि बच्चा उनके कब्जे में है। उसी दिन करीब 3:00 बजे फिर कॉल आई और 30,000 रुपये की फिरौती मांगी गई। आरोपी ने रकम लोनी फ्लाईओवर के पास बस स्टैंड पर शाम 4:30 बजे बागपत जाने वाली बस में रखने को कहा और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी।
जांच में रामजस स्कूल दरियागंज में मार्शल आर्ट प्रशिक्षक सलीम खान पर शक हुआ। गवाह ने बच्चे को मास्टरजी के साथ जाते देखा था। पूछताछ में आरोपी ने मुस्तफाबाद स्थित गंदे नाले के पास शव बरामद कराया, जिसकी पहचान पिता ने की। जांच में सह आरोपी अनिल का नाम सामने आया, जिसने 4 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसके पास से घड़ी, टिफिन और स्कूल बैग बरामद हुआ। अनिल ने फिरौती कॉल की थी और अपराध की योजना बनाने में सलीम के साथ शामिल था।
इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके बाद वर्ष 2000 को सलीम खान को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली, लेकिन वह फरार हो गया। ।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुद को मृत घोषित कर पहचान बदल ली और सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक नाम से रहने लगा। वह हरियाणा के करनाल और अंबाला में छिपकर रहा और बाद में वर्ष 2010 में लोनी में आकर बस गया। यहां उसने महिलाओं के कपड़ों की दुकान खोली। क्राइम ब्रांच की टीम को हेड कांस्टेबल मिंटू यादव से सूचना मिलने के बाद इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम में एएसआई सचिन सिंह, एएसआई नीरज कुमार, एएसआई रामदास, एएसआई नरेंद्र, हेड कांस्टेबल मिंटू यादव और महिला कांस्टेबल श्रेया सिंह शामिल रहे। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हाल ही में एक बॉलीवुड फिल्म निर्माता ने उसकी जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए 15 लाख रुपये का चेक एडवांस दिया था। प्रोफाइल के अनुसार आरोपी का जन्म 1972 में शामली में हुआ था। उसने शाओलिन कुंग फू सीखा और बाद में दिल्ली में रामजस स्कूल में ट्रेनर बन गया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी अनिल से हुई।इसी साल 27 फरवरी को लोनी में उस पर जानलेवा हमला भी हुआ था। इस मामले में थाना लोनी में एफआईआर संख्या 50/2026 धारा 109 बीएनएस के तहत दर्ज हुई थी। हमलावर जीशान और गुलफाम को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया गया। हमले के बाद आरोपी को जीटीबी अस्पताल और फिर साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद 25 मार्च को उसे छुट्टी मिली। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।

