Noida News : नोएडा प्राधिकरण की बड़ी चेतावनी: सलारपुर, भंगेल और हाजीपुर के चिन्हित खसरों में जमीन खरीदने से पहले करें जांच

Jun 23, 2026 - 20:17
Noida News : नोएडा प्राधिकरण की बड़ी चेतावनी: सलारपुर, भंगेल और हाजीपुर के चिन्हित खसरों में जमीन खरीदने से पहले करें जांच

Noida News : नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ अभियान तेज करते हुए मंगलवार को तीन गांवों की भूमि को लेकर सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि ग्राम सलारपुर, भंगेल (बैंगमपुर) और हाजीपुर के चिन्हित खसरों में किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त या निवेश करने से पहले पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

CEO Noida Authority : नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश के निर्देश पर भूलेख विभाग द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि इन गांवों की अधिसूचित एवं अर्जित भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध निर्माण और अतिक्रमण किया गया है। ऐसे मामलों में समय-समय पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं।

प्राधिकरण द्वारा जारी सूची में ग्राम सलारपुर खादर के खसरा संख्या 700 से 711, 723, 724, 728, 729, 730, 731, 732, 733, 734, 735, 745, 746, 747, 748, 749, 750, 751, 752, 759, 760, 762, 763, 764, 779, 780, 795, 796, 797 और 798 शामिल हैं। इसके अलावा ग्राम भंगेल बैंगमपुर के खसरा संख्या 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250 और 251 तथा ग्राम हाजीपुर के खसरा संख्या 412 का भी उल्लेख किया गया है।

Noida Authority : प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इन खसरों पर किसी भी प्रकार की बिल्डिंग, ग्रुप हाउसिंग या अन्य निर्माण परियोजना का नक्शा स्वीकृत नहीं किया गया है। ऐसे में इन भूमि पर किया गया कोई भी निर्माण पूर्णतः अवैध माना जाएगा। साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली, पानी, सीवर, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी।

नोएडा प्राधिकरण ने आमजन को चेतावनी देते हुए कहा है कि भूमि खरीदने से पूर्व प्राधिकरण के भूलेख विभाग से जानकारी अवश्य प्राप्त करें। यदि भविष्य में किसी प्रकार का कानूनी विवाद या वित्तीय नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी खरीदार और विक्रेता की होगी।

अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।