Greater Noida News : नवजात बच्ची के खरीद फरोख्त के मामले में अस्पताल का लाइसेंस निरस्त

Mar 23, 2026 - 22:20
Greater Noida News : नवजात बच्ची के खरीद फरोख्त के मामले में अस्पताल का लाइसेंस निरस्त
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Greater Noida News : थाना बिसरख क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल में नवजात की खरीद-फरोख्त के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बिसरख के नवजीवन अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। अस्पताल को सील करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। अस्पताल की कार्यप्रणाली और गड़बड़ियों की गहराई से जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।

जांच कमेटी की मौजूदगी में अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में रखी डिलीवरी रजिस्टर और अन्य दस्तावेज की बारीकी से जांच की जाएगी। इन रजिस्टरों में दर्ज महिलाओं के नाम, पते और अन्य विवरणों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास होगा कि नवजात को जन्म देने वाली महिला की वास्तविक पहचान क्या है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताए गए तथ्यों में कोई हेराफेरी तो नहीं की गई थी।

डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि पुलिस से प्राप्त पत्र के आधार पर अस्पताल के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उन्होने बताया कि डॉ. हरिओम के नेतृत्व में गठित कमेटी जल्द ही रिकॉर्ड रूम में रखे दस्तावेज का परीक्षण करेगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों को साक्ष्य के रूप में संकलित किया जाएगा जो आगे न्यायालय में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अहम है कि शनिवार को बिसरख पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की संयुक्त कार्रवाई ने नवजीवन अस्पताल में नवजात के सौदे का खुलासा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए अस्पताल की मालिक यशिका गर्ग, टेक्नीशियन रंजीत सिंह और सफाई कर्मी गजेंद्र सिंह को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है।

अस्पताल संचालिका की गिरफ्तारी के बाद अन्य स्टाफ रिकॉर्ड रूम पर ताला लगाकर भाग गए थे। जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी। इसी कारण अब तक महिला को जन्म देने वाली बच्ची की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का मानना है कि रिकॉर्ड रजिस्टर खुलने के बाद इस रहस्य से पर्दा उठ सकता है।

डॉक्टर हिरासत में, पूछताछ जारी घटना के बाद लापता चल रहे डॉक्टर को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ में अस्पताल में अनियमितताओं से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। अब इन जानकारियों का मिलान अस्पताल के रिकॉर्ड से किया जाएगा ताकि ठोस साक्ष्य जुटाए जा सकें।वहीं पुलिस टीमें इस मामले में वांछित नर्स पुष्पा, उसके पति और अंजली नाम की महिला की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। जिसे नवजात की मां बताया जा रहा है। साथ ही अस्पताल परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जिससे घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। वहीं एसीपी सेंट्रल नोएडा पवन कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनी हैं। और जल्द ही सभी को पकड़ लिया जाएगा।