Noida News : शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर सेवानिवृत्त प्रोफेसर से 2.89 करोड़ की ठगी

Jul 24, 2025 - 23:32
Noida News : शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर सेवानिवृत्त प्रोफेसर से 2.89 करोड़ की ठगी
Noida News : शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर सेवानिवृत्त प्रोफेसर से 2.89 करोड़ की ठगी

Noida News : साइबर अपराधियों ने शेयर मार्केट में निवेश पर 30 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर सेवानिवृत्त प्रोफेसर से 2.89 करोड़ की ठगी कर ली। ठगो ने वाट्सएप के जरिए पीड़ित से संपर्क किया और अपने जाल में फंसाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने बीती रात को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।

Cyber Crime Police Station Noida News : पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम श्रीमती प्रीति यादव ने बताया कि सेक्टर-36 में रहने वाले रामकृष्ण शिवपुरी ने पुलिस से शिकायत की है कि वह सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। एक अप्रैल को उन्हें वाट्सएप पर मैसेज आया, इसके बाद कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम कीर्ति सर्राफ बताया और खुद को कोलकाता स्थित एबोट वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी की फंड मैनेजर बताया। कीर्ति ने बताया कि उनकी कंपनी शेयर बाजार में निवेश करने वालों को 24 घंटे में 25 से 30 प्रतिशत तक का मुनाफा दिलाती है। इसके बाद दो दिन तक अपनी कथित कंपनी के बारे में बताया और एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। इस ग्रुप पर कथित मैनेजमेंट गुरू कृष्णा रथ नामक एक शख्स ने ट्रेनिंग दी। साथ ही एक एप पर रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके बाद छोटी रकम निवेश कराई जाने लगी, एप में बढ़ती हुई रकम दिखाई जाने लगी। इस कारण पीड़ित का विश्वास जमने लगा। इसके बाद जालसाजों ने 21 से अधिक बार में कुल 2.89 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा लिए। जब रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें कई टैक्स जमा करने के लिए कहा गया। शुरुआत में कुछ रकम दिया लेकिन मांग लगातार बढ़ने लगी तब पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ

उन्होंने बताया कि पीड़ित प्रोफेसर ने जब 2.89 करोड़ की रकम को जमा कर दिया तब एप पर काफी रकम दिखाई दे रही थी। इस पर पीड़ित ने रकम निकालने के लिए फंड मैनेजर कीर्ति सर्राफ से बात की तब उसने कहा कि टैक्स के रूप में 90 लाख रुपये जमा कर दो। जब इतनी राशि देने से मना किया गया, तब जालसाजों ने जान से मारने की धमकी दी और संपर्क तोड़ लिया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह धन के अभाव में पढ़ाई से वंचित छात्रों की आर्थिक मदद करना चाहते थे, लेकिन जालसाजों ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। साइबर जालसाजों ने बुजुर्ग को अलग-अलग तरीके से जाल में फंसाया। पहले तो 24 घंटे में ही 30 फीसदी मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद विश्वास जीतने के लिए फर्जी एप पर 50 लाख रुपये ट्रांसफर करने का नाटक किया, जबकि यह रकम खाते में नहीं भेजी गई। यही नहीं, जालसाजों ने उन्हें कंपनी की ओर से 35 लाख रुपये पुरस्कार राशि के रूप में भी देने का दावा किया। यह रकम भी फर्जी एप पर दिखाई दी लेकिन मिली नहीं।