Ghaziabad News : आपदा के समय जानमाल की संपूर्ण सुरक्षा हो सकता है हमारा लक्ष्यः अमित शाह

May 14, 2026 - 10:44
Ghaziabad News : आपदा के समय जानमाल  की संपूर्ण सुरक्षा हो सकता है हमारा लक्ष्यः अमित शाह
आपदा के समय जानमाल की संपूर्ण सुरक्षा हो सकता है हमारा लक्ष्यः अमित शाह

Ghaziabad News : भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सुबह गुरुवार को गाजियाबाद पहुंचे। उन्होंने एनडीआरएफ के राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि एनडीआरएफ देश की जनता को किसी भी प्रकार की आपदा से सुरक्षित करने के लिए और मजबूती के साथ भविष्य मे काम कर पाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2014 से न केवल आपदा और राहत कार्य के नवीनीकरण के लिए काम किया गया है, परंतु अब हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं कि हम जीरो कैजुअल्टी की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। करोड़ों रुपए की लागत से छह परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि इन परयोजनाओं के चालू होने से राहत और बचाव कार्य में और आसानी होगी। उन्होंने कहा कि जिस आपदा का हमे पूर्वानुमान है, जिसका हमें अंदेशा मौसम विभाग से मिल गया है, वहां पर जान माल की सुरक्षा, संपूर्ण सुरक्षा हमारा लक्ष्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में ढेर सारे काम किए गए हैं। इसको ध्यान में रखते हुए बहुत सारे निर्णय लिये गए है। उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ बहुत सारी गाइडलाइन भी शुरू की गई है। बहुत सारी जागरूकता और बचाव के एप भी बनाए गए है। जिसके माध्यम से धीरे-धीरे आपदा बचाओ देश का एक संस्कार बनता जा रहा है।

 उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ ने मौके पर जाकर न केवल नागरिकों को, नागरिकों के साथ रहने वाले बेजुबान पशुओं को भी बचाकर एक उत्कृष्ट सेवा का उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है जानमाल और संपत्ति का नुकसान न्यूनतम करना है। उन्होंने कहा कि हीट वेव जैसी गंभीर चुनौतियों को भी भारत सरकार का गृह मंत्रालय अब अच्छी तरह से सामना करने की तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ वर्ष में भी इसकी वजह से होने वाली जानमाल की हानि को हम न्यूनतम तक पहुंचाने में सफल होंगे।

 उन्होने कहा कि एनडीआरफ और गृह मंत्रालय ने 8,500 से अधिक अपने जवान, 10 हजार सिविल डिफेंस से जुड़े हुए कर्मचारी और 2 लाख 20 हजार से ज्यादा वालंटियर को प्रशिक्षित करने का एक सराहनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों में 10,500 से ज्यादा नाविकों को भी प्रशिक्षित किया गया है, और आज कुछ आपदा मित्र भी यहां पर उपस्थित हैं। उन्होने कहा कि डिजास्टर को मजबूत करने के लिए आपदा मित्रों का सहयोग उपयोगी होंगी। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब आपदा प्रबंधन का काम था आपदा आई बचे हुए को बाहर निकलने का काम किया, राहत भेजी और काम समाप्त। उन्होंने कहा कि एक प्रकार से आपदा के समय समग्र देश का रिस्पांस राहत और पुनर्वासन का था। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री ने एक अलग अप्रोच के साथ इसमें बचाव के तत्व को जोड़ा। उन्होंने कहा कि हम आपदा के समय जानमाल का नुकसान किस तरह से न्यूनतम कर सके।

इस अवसर पर उन्होंने एनडीआरएफ के 20 वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनडीआरएफ ने 20 वर्ष के अपने कार्यकाल में एक ऐसा स्थान प्राप्त किया है,कि बल को देखकर भारत का हर नागरिक अपने आप को सुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने कहा कि इस बल ने अपने देश ही नहीं विदेश में भी आई आपदाओं में पहुंचकर सराहनीय कार्य किया, जिससे भारत का नाम रोशन हुआ है। उन्होंने मौसम विभाग और एनडीआरएफ की तारीफ करते हुए कहा कि 7 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाकर जलवायु परिवर्तन को रोकने और पर्यावरण को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर उन्होंने परेड की सलामी ली। एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष कुमार आनंद ने केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया और उसके बाद खुली जीप से एनडीआरएफ के डीजी ने केंद्रीय मंत्री और मुख्य अतिथि को परेड का निरीक्षण कराया। परेड के लिए अलग-अलग टोलिया रंग-बिरंगे ड्रेस में खड़ी थी। इस कार्यक्रम में धर्मगुरु ने भी भाग लिया। इस मौके पर गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गोड, एडिशनल पुलिस कमिश्नर केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरण नेयर, भाजपा से गाजियाबाद सांसद अतुल गर्ग, बागपत से आरएलडी सांसद राजकुमार सांगवान यूपी के मंत्री नरेंद्र कश्यप ,भारत सरकार के अधिकारी, एनडीआरएफ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक हजार से ज्यादा पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। एनडीआरएफ की दोनों प्रमुख रोड पर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित किए गए थे, और कार्यक्रम स्थल से एक किलोमीटर में भारी संख्या में पुलिस फोर्स लगाई गई। यहां दोनों तरफ बैरियर लगाया गया था।