Noida News : नेपाली नागरिक भारत में चल रहा था अंतरराष्ट्रीय सट्टे बाजी का अड्डा, गृह मंत्रालय के इनपुट पर गिरफ्तार

Jan 19, 2026 - 07:25
Noida News : नेपाली नागरिक भारत में चल रहा था अंतरराष्ट्रीय सट्टे बाजी का अड्डा, गृह मंत्रालय के इनपुट पर गिरफ्तार
नेपाली नागरिक भारत में चल रहा था अंतरराष्ट्रीय सट्टे बाजी का अड्डा, गृह मंत्रालय के इनपुट पर गिरफ्तार

Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर के थाना फेस -1 पुलिस ने बीती रात को गृह मंत्रालय के इनपुट पर सेक्टर-एक में ऑनलाइन सट्टेबाजी और ठगी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े एक कॉल सेंटर को पकड़ा है। कॉल सेंटर संचालक नेपाल के जिला मोरंग के उर्लावरी थाना क्षेत्र के मोरंग मोहल्ला निवासी अनूप श्रेष्ठ (31) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है । पुलिस का दावा है कि आरोपी रूस में साइबर एक्सपर्ट की पढ़ाई करने के बाद नोएडा में आकर कॉल सेंटर चला रहा था। वह पहले रूस में सट्टेबाजी एप के नेटवर्क से जुड़ा रहा। कॉल सेंटर में ठगी और सट्टेबाजी भारत में प्रतिबंधित "वन एक्सबेट" ऑनलाइन बेटिंग ऐप पर लोगों से पैसे लगवाकर ठगी की जा रही थी। 

ADCP Cyber Crime Noida : अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम श्रीमती शैव्या गोयल ने बताया कि कुछ दिन पहले श्रीनगर में ठगी का मामला दर्ज हुआ था। श्रीनगर व अंतरराष्ट्रीय कड़ी जुड़ने के बाद जांच एजेंसियां भी इस कॉल सेंटर को लेकर सक्रिय हो गईं। नोएडा पुलिस से श्रीनगर पुलिस द्वारा कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई है। पुलिस इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आईफोरसी) के संपर्क में भी है। इस नेटवर्क से करोड़ों की ठगी का अनुमान है। जांच एजेंसियों की नजर मौके से मिले सर्वर सिस्टम पर है।

ADCP Noida : एडीसीपी ने बताया कि गृह मंत्रालय से सूचना मिली थी कि नोएडा के सेक्टर-1 स्थित कंपनी के दफ्तर में अवैध रूप से ऑनलाइन बेटिंग एप का कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। इस पर पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि सेक्टर एक स्थित कंपनी के दूसरे तल पर कॉल सेंटर के कर्मचारी लोगों को ऑनलाइन बेटिंग के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर मुख्य आरोपी अनूप को पकड़ा। वह यहां सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी में रहता है।

Police Station Phase 1 Noida News : उन्होने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि अनूप ने नेपाल से स्नातक तक पढ़ाई की। उसके बाद 2022 में रूस गया और वहां "वन एक्सबेट" कंपनी के कॉल सेंटर में नौकरी की। इसके साथ ही साइबर एक्सपर्ट की पढ़ाई भी की। करीब ढाई साल तक वहां काम किया। उसने नवंबर 2022 से जून 2025 तक ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क को नजदीक से समझा और संचालित किया। बाद में कंपनी की एक रूसी अधिकारी के कहने पर उसे भारत भेज दिया गया। यहां आने बाद आरोपी को रेडी ऐप के जरिये निर्देश दिए जाते थे और दिल्ली में कंपनी का डायरेक्टर बताकर उससे काम कराया जाता था। नोएडा में कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था। आरोपी और कंपनी मालिकों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। 

उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और उसके साथी भारत में प्रतिबंधित बेटिंग एप को तकनीकी सहायता देने के नाम पर चला रहे थे। देश के लोगों को फोन कर या ऑनलाइन संपर्क कर ऑनलाइन जुए में पैसा लगाने के लिए उकसाते थे। ग्राहकों से कहा जाता था कि वे वेबसाइट पर दिखाए गए बैंक खातों में पैसे जमा करें। ये खाते असल में म्यूल होते थे जिनका इस्तेमाल ठगी और धन शोधन के लिए किया जाता था।पैसा एक खाते से दूसरे खाते में घुमाकर अंत में आरोपी और उसके नेटवर्क के खातों में पहुंचाया जाता था।