Noida News : सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला: नोएडा प्राधिकरण के जेई की सेवा समाप्त, वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस जारी

Jan 18, 2026 - 23:10
Noida News : सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला: नोएडा प्राधिकरण के जेई की सेवा समाप्त, वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस जारी
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने रविवार को कार्रवाई की है। सड़क पर ब्लिंकर और संकेतक नहीं लगे होने की शिकायत पर सीईओ ने ट्रैफिक सेल के वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंध को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।

सीईओ ने स्पोर्ट्स सिटी विभाग से लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण पर रिपोर्ट मांगी है। सीईओ ने कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा की अनदेखी नहीं बर्दाश्त की जाएगी। सभी विभागों को अपने क्षेत्र की परियोजनाओं का निरीक्षण करने और सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राधिकरण की जांच नामजद बिल्डरों को प्लॉट आवंटन से लेकर उनके नक्शा पास होने, मौके पर खोदाई कराए जाने और सड़क से सुरक्षा इंतजाम नदारद रहने पर हो रही है। जांच प्राधिकरण के महाप्रबंधक की अगुवाई वाली समिति करेगी। प्राधिकरण अधिकारियों ने दावा किया है कि जांच पूरी कर जल्द रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्पोर्ट्स सिटी के प्रभारी एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। सोमवार को फिर से टीम भेजी जाएगी। बिल्डर ने जो खोदाई करवाई है उसको प्लॉट का आवंटन कब हुआ था। अगर नक्शा पास हुआ था तो किस उपयोग के लिए और कब तक के लिए नक्शा पास किया गया था। निर्माण कराने के दौरान खोदाई कराने पर कौन से सुरक्षा उपाय करवाने की जिम्मेदारी बिल्डर की थी। सड़क पर ट्रैफिक सेल या सिविल विभाग से कौन से काम करवाए जाने थे। इन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। एसीईओ ने बताया कि सेक्टर अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना को लेकर प्राधिकरण गंभीर है।

जिन दो बिल्डर विजटाउन व लोटस ग्रीन बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है दोनों बकाया जमा करने में नोएडा प्राधिकरण के डिफाल्टर हैं। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में दोनों बिल्डर को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद दोनों बिल्डरों ने पैसे जमा नहीं किए। यह जमीन स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 की है। इस प्लॉट का आवंटन 7 जुलाई 2014 को लोटस ग्रीन को लीड मेंबर की अगुवाई में बने समूह को हुआ था। इस प्लॉट पर प्राधिकरण का 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। प्लॉट में 24 उप-विभाजन किए गए, 13 ग्रुप हाउसिंग के नक्शे पास हुए। इसमें ही एक प्लॉट ए ब्लॉक में विजटाउन कंपनी को 27,185 वर्गमीटर का दिया गया। इस पर प्राधिकरण का मार्च 2025 तक 129 करोड़ 59 लाख रुपये बकाया था। बीते 5 और 12 मार्च को नोटिस भी जारी किया गया था। लेकिन बकाया नहीं जमा हुआ है। न ही सेक्टर में खेल सुविधाओं का विकास हुआ है।

Noida Authority News : नोएडा प्राधिकरण की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना सीएजी की ऑडिट आपत्तियों से घिरी हुई है। प्राधिकरण अधिकारियों पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने और 8,643 करोड़ रुपये का घाटा उठाने और मौके पर खेल सुविधाएं नहीं विकसित कराने की गंभीर आपत्तियां ऑडिट में सामने आई थीं। इसके बाद फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी जांच का आदेश दिया था। इस आदेश के क्रम में सीबीआई स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 की जांच कर रही है। इस प्लॉट से जुड़ी फाइलें सीबीआई प्राधिकरण से लेकर जा चुकी हैं। मौके का ड्रोन सर्वे भी करवाया जा चुका है। अब पुलिस भी प्लॉट व उसके नक्शे से जुड़ी जानकारियां प्राधिकरण से हासिल करेगी। प्राधिकरण ने स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 से ओसी-सीसी के आवेदन पर लगी रोक शर्तों के साथ हटाकर समाधान के लिए मंजूरी 3 जनवरी को बोर्ड बैठक में ली थी। इसके बाद शुक्रवार को ही मंजूरी के मिनट जारी हुए। उसी रात यह बड़ा हादसा हुआ। इसके बाद केस दर्ज हुआ।