Jewar News : यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में ताइवान आधारित कंपनियों को की जाएगी भूमि आवंटित

Aug 17, 2026 - 22:29
Jewar News : यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में ताइवान आधारित कंपनियों को की जाएगी भूमि आवंटित
यमुना विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक की फोटो

Jewar News : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में ताइवान सिटी बसाने की मंजूरी दे दी गई है। सेक्टर-6 में 300 एकड़ में यह परियोजना विकसित होगी। यहां ताइवान आधारित कंपनियों को भूमि आवंटित की जाएगी। इससे यमुना सिटी वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण का नया केंद्र बनेगा।

Yamuna Expressway Industrial Development Authority News : यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक सोमवार को संपन्न हुई, जिसमें ताइवान आधारित औद्योगिक इकाइयों के लिए ताइवान सिटी बसाने का प्रस्ताव पेश किया गया। ताइवान दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आईसीटी और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन की प्रमुख कड़ी है। ऐसे में इन कंपनियों की दस्तक से यीडा क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। यहां इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, तकनीकी उत्पादों और उनसे जुड़े उद्योगों का इकोसिस्टम विकसित होगा, जिससे निवेश, रोजगार और स्थानीय सप्लाई चेन को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़े वैश्विक निर्माताओं की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलने की संभावना है। ताइवान के तकनीकी उद्योगों का वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति तंत्र में महत्वपूर्ण स्थान है।

 उन्होंने बताया कि क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उद्योगों का समूह विकसित होने से कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पादों तक की पूरी औद्योगिक शृंखला तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे यीडा की पहचान देश के उभरते टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक में तय किया गया कि यीडा के सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर सब्ज़ी मंडी स्थापित करने की योजना है। इसका प्रस्ताव भी पास हो गया है। यह नोएडा फेज-2 फूल मंडी की तर्ज पर स्थापित होगी। साथ ही अत्याधुनिक तकनीकी से लैस होगी ताकि आसपास गंदगी न फैले। इसके अलावा सेक्टर 14 में 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी पार्क बनेगा, जहां देश विदेश के बड़े विश्वविद्यालयों को जमीन दी जाएगी। साथ ही, सेक्टर-23डी में 50 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनेगा।

उन्होंने बताया कि सेक्टर-13 और 14 में 500 एकड़ में मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव भी पास हो गया है। यहां अस्पतालों और क्लीनिक रिसर्च एवं ट्रायल हब, डिजिटल हेल्थ हब व बायोटेक एवं फार्मा सेंटर, स्वास्थ्य वृद्धावस्था केंद्र तथा नर्सिंग एवं अन्य को भूमि दी जाएगी। इसके लिए प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग को प्रेषित करने तथा विश्व बैंक से तीन हजार करोड़ की आईबीआरडी वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए विचार किया गया।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दृष्टिगत तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए अपर मुख्य सचिव ने अलग से तीनों प्राधिकरणों को पत्र जारी किया है। वहीं, अपर मुख्य सचिव ने यीडा के सेक्टर-23सी में अंतरराज्जीय बस अड्डे को भी मंजूरी दे दी है। एयरपोर्ट के नजदीक होने से देशभर के यात्री यहां आ-जा सकेंगे।

CEO Yamuna Expressway Industrial Development Authority : सीईओ ने बताया कि उत्तर प्रदेश को अग्रणी फार्मा विनिर्माण हब के रूप में विकसित करने के लिए यमुना सिटी के सेक्टर-6 में 100 से 125 एकड़ में फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इस क्लस्टर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) के अनुरूप दवा निर्माण करने वाली राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की दवा इकाइयों को भूमि आवंटित की जाएगी। क्लस्टर में मुख्य तौर पर टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्टेबल यानी इंजेक्शन, ओरल लिक्विड यानी सिरप, ट्रॉपिकल प्रिपरेशन यानी ऐसी दवाएं जोकि शरीर के बाहरी हिस्सों जैसे त्वचा या आंखों पर लगाई जाती हैं। इनमें क्रीम, जेल, लोशन व मलहम आदि शामिल हैं, इनके निर्माण के लिए औषधि निर्माण इकाइयों को स्थापित किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश को अग्रणी फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि यीडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में एफडीए अनुरूपता मूल्यांकन के लिए प्रत्यायन योजना के अनुरूप मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी की स्थापना एवं परियोजना के तकनीकी, वित्तीय एवं संस्थागत पहलुओं के परिक्षण के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी के गठन का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है। बताया गया कि भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माता को उत्पादों के परीक्षण एवं अनुरूपता मूल्यांकन के लिए विदेश स्थित लैब पर निर्भर रहना पड़ता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षण की सुविधा स्थापित होने से चिकित्सा उपकरण निर्माता एवं एमएसएमई को अत्यधिक लाभ होगा, जिससे निर्यात तथा निवेश आर्कषित होगा। इस सुविधा में विद्युत सुरक्षा, विद्युतचुंबकीय अनुकूलता, यांत्रिक प्रदर्शन, सॉफ्टवेयर सत्यापन, कीटाणुशोधन व पैकेजिंग सत्यापन सुविधाए मेडिकल डिवाईस पार्क के आवंटियों के साथ-साथ देशभर के चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण सेवाए उपलब्ध कराई जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश, रोजगार और आधुनिक अवस्थापना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास, चिकित्सा शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, परिवहन, खेल और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में लिए गए फैसलों से जेवर-नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र को एक एकीकृत औद्योगिक एवं संस्थागत हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी आएगी। मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, इंटरस्टेट बस अड्डा, ताइवान सिटी और फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी योजनाएं क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।