Noida News : नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के दोषी को पांच साल की कैद
Noida News : जनपद गौतमबुद्ध नगर की पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत-द्वितीय के न्यायाधीश कुमार गौरव ने सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में दर्ज अपहरण के एक मामले में सेक्टर-18 निवासी आरोपी शाहबुद्दीन को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
एडीजीसी अपराध चवनपाल भाटी ने बताया कि 20 सितंबर 2019 की रात वादी की 14 वर्षीय पुत्री घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों को शक था कि पड़ोस में किराएदार के तौर पर रहने वाला शाहबुद्दीन लड़की को इशारों से तंग किया करता था। शुरुआत में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने में पुलिस ने टालमटोल की, जिसके बाद वादी को एसपी नोएडा के पास गुहार लगानी पड़ी। तीन दिन बाद, 23 सितंबर को मामला दर्ज हो सका। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी नाबालिग को पहले मुंबई और फिर कोलकाता स्थित अपने घर ले गया था, जहां वह कई दिनों तक उसके परिवार के साथ ठहरी रही। पुलिस की सख्ती बढ़ने पर 29 सितंबर 2019 को आरोपी लड़की के साथ हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचा, जहां एयरपोर्ट पर दोनों को धर दबोचा गया। आरोपी के कब्जे से स्पाइसजेट की दो टिकटें और आधार कार्ड बरामद हुए थे। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अदालत में बताया कि वह अपनी इच्छा से आरोपी के साथ गई थी और दोनों एक-दूसरे को मित्र मानते थे। उसने यह भी कहा कि उसने आरोपी को अपनी असली उम्र नहीं बताई थी। बचाव पक्ष के वकील ने इन तथ्यों के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त करने की दलील दी, जबकि विशेष लोक अभियोजक चवनपाल भाटी ने अधिकतम सजा दिए जाने की मांग अदालत से की। अदालत ने पीड़िता के स्कूल दस्तावेजों के आधार पर घटना के समय उसकी आयु 13 वर्ष 11 माह निर्धारित की। फैसले में स्पष्ट किया गया कि नाबालिग की सहमति विधिक रूप से मान्य नहीं मानी जाती, इसलिए वैध संरक्षकता से बिना इजाजत ले जाना अपहरण के दायरे में आता है। हालांकि लैंगिक शोषण या विवाह की नीयत से अपहरण के आरोप साक्ष्यों के अभाव में सिद्ध नहीं हो पाए, जिस कारण अदालत ने आरोपी को इन धाराओं से बरी कर दिया।

