Noida News : लुक्सर जेल में कैदी कर रहे हैं सब्जियों की खेती, आत्मनिर्भरता और पुनर्वास की मिल रही है नई मिसाल
Noida News : गौतम बुद्ध नगर के लुक्सर में स्थित जिला कारागार में कैदियों द्वारा उगाई जा रही सब्जियां आत्मनिर्भरता और पुनर्वास की नई मिसाल पेश कर रही है। जेल परिसर में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती की जा रही है। जिससे जेल में बंद कैदियों को ताजी और हरी सब्जी उपलब्ध हो रही है। वहीं इन सब्जियों को प्रदेश के अन्य जिलों में भी नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। पिछले एक वर्ष में लुक्सर जेल से 681 कुंतल 90 किलोग्राम सब्जियां अन्य जिलों में भेजी गई है।
लुक्सर जेल के सुपरिंटेंडेंट बृजेश कुमार ने बताया कि जेल परिसर में 21.50 एकड़ क्षेत्र में सब्जियों की खेती की जा रही है। वर्तमान में 82 बंदी खेती और सब्जी के उत्पादन से जुड़े हैं। खेती के माध्यम से बंदियों को श्रम, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण मिल रहा है। उनका मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां बंदियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उन्हें भविष्य के लिए रोजगार पर कौशल भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि जेल में आलू, गोभी, पत्ता गोभी, पालक, गाजर, मूली, गांठ गोभी, लौकी, तोरही, भिंडी, कद्दू , अरबी ,टमाटर ,शलजम, बैगन जैसी विभिन्न मौसमी सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन करीब 4 कुंतल सब्जियों का उत्पादन यहां पर हो रहा है। इनमें से ताजी हरी सब्जियों का उपयोग सबसे पहले जेल में निरुद्ध बंदियों के भोजन के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया की खेती के माध्यम से कैदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें रोजगार पर कौशल भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्पादित सब्जियों का उपयोग बंदियों के भोजन और अन्य कारागारों की जरूरत को पूरा करने में किया जा रहा है।

