Noida News : चौरासी वर्षीय बुजुर्ग को साइबर अपराधियों ने 16 दिनों तक किया डिजिटल अरेस्ट, 85 लाख की ठगी

Apr 27, 2026 - 16:44
Noida News : चौरासी वर्षीय बुजुर्ग को साइबर अपराधियों ने 16 दिनों तक किया डिजिटल अरेस्ट, 85 लाख की ठगी
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Noida News : मनी लांड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी देकर एक 84 वर्षीय बुजुर्ग को 16 दिनों तक साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 85 लाख रुपए की ठगी कर ली। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Cyber Crime Police Station Noida News : साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय राणा ने बताया कि बीती रात को धीरेंद्र कुमार निवासी केंद्रीय विहार सेक्टर 51 ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उन्हें 8 अप्रैल को एक फोन आया। फोन करने वाले ने उनसे कहा कि आपका आधार कार्ड का इस्तेमाल करके 16 जनवरी वर्ष 2026 को एक मोबाइल फोन खरीदा गया है। उस फोन का गलत कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस काल पर उसके बाद साइबर सेल वालों ने संदीप दीवान और प्रवीण कुमार नामक दो आदमी से बात करवाई। उन्होंने कहा कि दोनों बेंगलुरु के साइबर क्राइम थाने से बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपके मोबाइल का गलत इस्तेमाल हुआ है। इसलिए इस पर केस किया गया है ,तथा इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। उन्होंने एक एफआईआर का नंबर भी बताया। उन्होंने कहा कि आप पर मनी मनी लॉन्ड्रिंग और बच्चों की तस्करी में शामिल होने का आरोप है। 

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उन्हें आठ अप्रैल को डिजिटल अरेस्ट कर लिया तथा उनसे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए सीबीआई अधिकारियों के कमेटी बनाई है।उन्हे धमकाया गया कि उन्हें हथकड़ी लगाई जाएगी, तथा उनके फ्लैट और उनकी रकम जप्त कर ली जाएगी। इसी बीच सीबीआई एसपी प्रवीण कुमार को इस मामले को सौंपा दिया गया। पीड़ित के अनुसार उन्होंने उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखते हुए ऑनलाइन पूछताछ की। उनके अकाउंट की जानकारी ली। पता किया कि किस अकाउंट में कितनी रकम है। पीड़ित के अनुसार उनकी सभी एफडी और सेविंग को एक बैंक में मर्ज करने के लिए कहा गया, तथा उनसे विभिन्न बार में 85 लाख रुपया आरोपियों ने अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया।

 उनसे कहा गया की जांच के दौरान अगर आप सही पाए जाओगे तो आपकी रकम को वापस कर दिया जाएगा। पीड़ित के अनुसार आखिरी बार कथित सीबीआई के एसपी ने उनसे 22 अप्रैल को बात की। उन्होंने सीबीआई का एक वेरीफिकेशन लेटर दिखाया, जिसमें कहा गया कि वह भी एक सस्पेक्ट है। इसके अलावा उन्होंने हथकड़ी लगाने और प्रॉपर्टी जप्त होने से बचाने के लिए एक करोड़ 24 लाख रुपए जमा करने के लिए कहा। पीड़ित ने जब कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं है तो उन्हें तथा उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार उन्हें शक हुआ तथा उन्होंने बीती रात को इस मामले में साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।