Noida News : नोएडा में रची गई थी खतरनाक साजिश, गिरफ्तार 66 में 45 श्रमिक नहीं
Noida News : वेतन वृद्धि को लेकर नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। सरकार के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 66 में से 45 लोग मजदूर नहीं हैं। इससे साफ है कि अशांति के पीछे बाहरी तत्वों का हाथ था। सरकार का कहना है कि वेतन वृद्धि की आड़ में नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित साजिश रची गई। पुलिस जांच में कुछ राजनीतिक समूहों और सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों की भूमिका भी सामने आई है। फिलहाल स्थिति काबू में है। सभी फैक्ट्रियों में कामकाज दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो गया है। सरकार ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
UP Government : यूपी सरकार की तरफ से बताया गया कि नोएडा में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार 66 में से 45 मजदूर नहीं है। सरकार ने कहा कि हिंसा और आगजनी भड़काने में बाहरी लोगों का बड़ा हाथ था। विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और आगजनी करने में बाहरी तत्वों की अहम भूमिका रही। प्रशासन ने मजदूर आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने की ‘सुनियोजित साजिश’ को नाकाम करने के लिए त्वरित कार्रवाई की। कुछ ही घंटों में स्थिति पर काबू पा लिया गया। प्रशासन की मदद से औद्योगिक गतिविधियां सामान्य हो गईं।
मालूम हो कि कई दिनों से चल रहा है श्रमिकों का वेतन बढ़ाने को लेकर आंदोलन बीते सोमवार को बेकाबू हो गया था। इस दौरान हिंसा हुई थी। इस दौरान नोएडा के इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में कई वाहनों में आगजनी की गई थी। इस दौरान सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की गई और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। सरकार ने बताया कि आगजनी में शामिल 17 में से 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 8 मजदूर नहीं हैं। लोगों को भड़काने के मामले में पहचाने गए 32 लोगों में से अब तक 19 को गिरफ्तार किया गया है।
इस बवाल में 34 ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया है जो मजदूर नहीं हैं। इन लोगों पर भीड़ में शामिल होकर माहौल खराब करने का आरोप है। 4 लोगों को साजिश रचने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। इनके किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। इसकी जांच चल रही है। जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह घटना नोएडा की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी कोशिश थी। इसमें कुछ राजनीतिक लोग और गुट शामिल थे। अलग-अलग राज्यों की कुछ महिलाएं भी विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल पाई गई हैं। ये आरोपी महिलाएं हिंसक गतिविधियों में जुटे लोगों की मदद कर रही थीं।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने हालात काबू करने के लिए फौरन कदम उठाए। वेतन बढोतरी की घोषणा के बाद मजदूरों और फैक्टरी मालिकों ने काफी सहयोग किया। इससे नोएडा में औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर लौट आई हैं। अब कारखानों में कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। राज्य सरकार ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। हिंसा में शामिल उपद्रतियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

