Ghaziabad News : प्रदूषण फैलाने वाली 250 फैक्ट्रियों को नोटिस

Dec 19, 2025 - 18:57
Ghaziabad News : प्रदूषण फैलाने वाली 250 फैक्ट्रियों को नोटिस
Symbolic Image

Ghaziabad News : प्रदूषण फैलाने वाली गाजियाबाद की कुल 250 फैक्टरियों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी करते हुए सभी को दिसंबर के अंत तक अपने यहां ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) लगाने को कहा है। गाजियाबाद में कुल 385 प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयां हैं। इसमें 353 लघु औद्योगिक इकाइयां हैं। 21 मध्य और 11 बड़ी औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। प्रदूषण रोकने के लिए जिले की 50 बड़ी फैक्टरियों की चिमनी पर ओसीईएमएस लगा हुआ है। सीपीसीबी ने अब निर्देश दिया है कि रेड कैटगरी यानी खतरनाक श्रेणी वाली फैक्टरियों में भी यह सिस्टम लगाया जाएगा। यूपीपीसीबी, गाजियाबाद के मुताबिक जिले में ऐसी 250 फैक्टरी चिह्नित की गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा डाइंग फैक्टरी शामिल हैं। मुख्य रूप से ये फैक्टरियां आर्यनगर व रूपनगर औद्योगिक क्षेत्र में हैं।

 क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि इन सभी को नोटिस भेजा गया है कि दिसंबर के अंत तक अपने यहां यह सिस्टम लगा लें। यदि फैक्टरी संचालक सिस्टम नहीं लगाते तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, इसके तहत सीलिंग करने का भी प्रावधान है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदूषण फैला रही 250 फैक्टरियों की ऑनलाइन निगरानी होगी। फैक्टरी प्रबंधन को अपनी चिमनी पर ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) लगाना होगा, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सर्वर से जुड़ा रहेगा।

फैक्टरियों की चिमनी से निकलने वाले धुएं का मानक पार्टिकुलेट मैटर 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। ओसीईएमएस लगाने के बाद सीपीसीबी के सर्वर से जुड़ जाएगा। मानकों से अधिक जहरीली गैस या धुआं चिमनी से निकलता है तो लगातार तीसरी बार उल्लंघन के बाद सीपीसीबी की ओर यूपीपीसीबी को नोटिफिकेशन जाएगा। साथ ही गाजियाबाद के क्षेत्रीय कार्यालय को भी कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाएंगे। टीम मौके पर पहुंचकर नोटिस देगी और ओसीईएमएस के डाटा के आधार पर जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेगी। इस तरह सतत निगरानी हो सकेगी और वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी के मुताबिक, जिले में 138 औद्योगिक इकाइयों द्वारा पीएनजी और सीएनजी को स्वच्छ ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। 12 औद्योगिक इकाइयों को प्रतिबंधित फ्यूल इस्तेमाल करने पर शो कॉस नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम लगातार औद्योगिक क्षेत्र में जाकर निरीक्षण कर रही है और मानकों के अनुरूप ईंधन का इस्तेमाल न होने पर कार्रवाई की जा रही है।