Noida News : उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में की अंतरिम बढ़ोतरी, एक अप्रैल होगा लागू

Apr 14, 2026 - 18:10
Noida News : उत्तर  प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में की अंतरिम बढ़ोतरी, एक अप्रैल होगा लागू
उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में की अंतरिम बढ़ोतरी, एक अप्रैल होगा लागू

Noida News : जनपद गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक सामंजस्य एवं शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के आफिस में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जानकारी दी।

 उन्होंने हाल में हुए घटनाक्रमों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए न्यूनतम वेतन में तात्कालिक रूप से अंतरिम वृद्धि का निर्णय लिया है, जिसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी कुशल श्रेणी के श्रमिकों के लिए की गई है, वहीं गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में यह वृद्धि सबसे अधिक 21 प्रतिशत तक की गई है और यह नई अंतरिम वेतन दरें एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। अंतरिम वेतन वृद्धि के अनुसार अकुशल श्रमिकों का वेतन 11313 से बढ़ाकर 13690 रूपए कर दिया गया है, अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,445 से बढ़ाकर 15059 रूपए किया गया है, जबकि कुशल श्रमिकों का वेतन 13940 से बढ़ाकर 16868 किया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य नगर निगम वाले जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 से बढ़ाकर 13006 रूपए, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन 12,445 से बढ़ाकर 14306 रुपए तथा कुशल श्रमिकों का वेतन 13940 से बढ़ाकर 16025 रूपए कर दिया गया है। इसी प्रकार अन्य जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 से बढ़ाकर 12356 रूपए, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन 12445 से बढ़ाकर 13591 रूपए तथा कुशल श्रमिकों का वेतन 13940 से बढ़ाकर 15224 रूपए कर दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सीधी आर्थिक राहत प्रदान की गई है। साथ ही आगामी माह में गठित होने वाले वेज बोर्ड की अनुशंसाओं के आधार पर स्थायी न्यूनतम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार श्रमिकों के कल्याण हेतु स्वास्थ्य, पेंशन एवं उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी नई योजनाओं पर भी विचार कर रही है।

  इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रमुख सचिव (श्रम) उत्तर प्रदेश डाॅ0 एम के एस सुंदरम, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम , निर्यात प्रोत्साहन, खादी और ग्रामोद्योग विभाग उत्तर प्रदेश आलोक कुमार एवं सदस्य सचिव श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश (कानपुर) मार्कण्डेय शाही, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना विकास प्राधिकरण राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम उपस्थित रहे।

 

 दीपक कुमार ने बताया कि सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हुई हिंसात्मक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। समिति द्वारा नोएडा पहुंचकर पूरे प्रकरण की गहन जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 20 हजार रुपए मासिक न्यूनतम वेतन लागू होने संबंधी खबरें फैली जो पूरी तरह भ्रामक एवं निराधार हैं।

 

 उन्होंने बताया कि वास्तविक स्थिति यह है कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर ‘फ्लोर वेज’ निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिसका उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार द्वारा भी नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों एवं अन्य सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है, ताकि एक संतुलित, व्यावहारिक एवं सर्वमान्य निर्णय लिया जा सके।

 

उन्होंने बताया कि समिति द्वारा विभिन्न चरणों में श्रमिकों एवं नियोक्ताओं के साथ बैठकें आयोजित की गईं। श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण था, जिसमें वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी मांगें शामिल थीं। उन्होंने हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई।

उनके अनुसार नियोक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योग जगत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और निर्यात में कमी ने उद्योगों पर दबाव बढ़ाया है। इसके बावजूद श्रमिकों की मांगों को उन्होंने प्रासंगिक एवं विचारणीय बताया।

 

 समिति द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि जनपद स्तर पर श्रमिकों के वेलफेयर एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एक कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके नम्बर 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 हैं, इस कन्ट्रोल रूम के माध्यम से श्रमिक अपनी किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में औद्योगिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक एवं बाहरी तत्वों के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे तत्व न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि श्रमिकों और उद्योगों के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी कमजोर करते हैं। प्रशासन द्वारा इन तत्वों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें तकनीकी निगरानी, खुफिया तंत्र एवं स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन को मजबूत किया गया है। पहचान किए गए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें गिरफ्तारी, आपराधिक मुकदमे दर्ज करना तथा आवश्यकतानुसार अन्य विधिक प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहती है कि शांति एवं विकास के वातावरण को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार औद्योगिक शांति, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा निवेश अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनपद गौतम बुद्ध नगर में पूर्व की भांति सौहार्द, शांति एवं विकास की गति निरंतर बनी रहे।