Noida News : मजदूर दिवस पर जिले में 50 ड्रोन से संवेदनशील जगहों पर रखी गई नजर,भारी पुलिस बल था तैनात
Noida News : मजदूर दिवस पर श्रमिको के प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को जिले में पुलिस का सख्त पहरा रहा। संवेदनशील जगहों पर 50 ड्रोन की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके साथ ही नियमित पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी गई, ताकि कहीं भी किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
Labour Day : श्रमिक दिवस के अवसर पर जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और कंपनियों में काम करने वाले श्रमिकों ने उत्साह और आपसी सौहार्द के साथ यह दिन मनाया। सुबह की शिफ्ट से ही बड़ी संख्या में श्रमिक अपने कार्यस्थलों पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर शांतिपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम आयोजित किए। इसके बाद सभी श्रमिक सामान्य रूप से अपने काम में जुट गए। बीते माह की 13 तारीख को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुआ था। सैकड़ों कंपनियों और फैक्टरियों में तोड़फोड़ की गई थी। तीस से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। आशंका थी कि एक मई को श्रमिक फिर से प्रदर्शन कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर यह सुनिश्चित किया था कि पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे। इसके लिए हर स्तर पर ड्यूटी की मजबूत व्यवस्था की गई और अधिकारियों द्वारा लगातार हालात की समीक्षा की जाती रही। साथ ही अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया गया, जिससे श्रमिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें सुरक्षित माहौल मिल सके। कुछ कंपनियां अपने वार्षिक अवकाश और बुद्ध पूर्णिमा के कारण बंद रहीं, लेकिन अधिकांश औद्योगिक इकाइयों में कामकाज सामान्य रूप से चलता रहा। कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने श्रमिकों के योगदान को सराहा और कहा कि श्रमिक समाज की प्रगति की रीढ़ हैं। पुलिस प्रशासन उनके सम्मान, सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है और आगे भी इसी जिम्मेदारी के साथ कार्य करता रहेगा।
Police Commissioner Gautam Budh Nagar : पुलिस आयुक्त के मीडिया प्रभारी ने बताया कि सुरक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन में फ्लैग मार्च किया। संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मौके पर तैनात अधिकारियों से हर गतिविधि की जानकारी ली गई। इस दौरान उन्होंने कई श्रमिकों से भी बातचीत की। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन की ओर से श्रमिकों के साथ पहले ही बैठक कर ली गई थी। श्रमिकों और कंपनी के संचालकों और मालिकों की ओर से भरोसा दिया गया था कि जो भी निर्देश मिले हैं उनका पूर्णता पालन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पब्लिश एड्रेस सिस्टम के जरिए आम लोगों को प्रशासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाती रही। पुलिस और प्रशासन की तरफ से 82 स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगवाए गए थे। इसमें महिला और पुरुष की आवाज में यह बताया जाता रहा कि सरकार की ओर से श्रमिकों की मांगे मान ली गई हैं। वेतन को बढ़ा दिया गया है। इसके बावजूद अगर किसी ने अनावश्यक प्रदर्शन करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को सभी प्रमुख चौराहों पर यह घोषणा सुनाई देती रही।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कमिश्नरेट को जोनल-सेक्टर योजना के तहत 11 जोन और 49 सेक्टर में बांटा गया था। इसमें नोएडा जोन को 4 जोन व 16 सेक्टर, सेंट्रल नोएडा को 3 जोन व 24 सेक्टर और ग्रेटर नोएडा को 4 जोन व 9 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इस व्यवस्था के जरिए हर क्षेत्र पर अलग-अलग स्तर पर निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।जवानों को औद्योगिक इकाइयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, लघु उद्योग क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया था। साथ ही मोबाइल पुलिस टीमें लगातार गश्त कर रही थीं। जिले में 8 मई तक धारा 163 लागू है।
पुलिस बल की तैनाती बड़े स्तर पर की गई थी। अन्य जिलों से 6 एसपी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 क्षेत्राधिकारी, 65 निरीक्षक, 400 उपनिरीक्षक, 150 महिला उपनिरीक्षक, 900 पुलिसकर्मी और 200 महिला पुलिसकर्मी के साथ 10 कंपनी पीएसी को लगाया गया था। इसके अलावा कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी ड्यूटी पर तैनात थे। महिला पुलिस बल की भी बड़ी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित की गई थी। आगे भी भारी पुलिसबल की शहर के अलग-अलग हिस्से में तैनाती रहेगी।

