Noida News : बीमा कंपनी के कर्मी की हत्या में दोषी को उम्रकैद,पैसों के विवाद में तकिए के खोल से गला घोंटकर की थी हत्या

Jul 4, 2026 - 19:49
Noida News : बीमा कंपनी के कर्मी की हत्या में दोषी को उम्रकैद,पैसों के विवाद में तकिए के खोल से गला घोंटकर की थी हत्या
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Noida News : करीब चार वर्ष पहले हुए बीमा कंपनी के कर्मचारी राजकुमार की हत्या और लूट के बहुचर्चित मामले में गौतमबुद्धनगर की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष कुमार चौरसिया की अदालत ने आज आसनसोल (पश्चिम बंगाल) निवासी आफताब खान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1.70 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें से 1.50 लाख रुपये मृतक की पत्नी खुशबू उर्फ ज्योति को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

एडीजीसी अपराध नितिन कुमार त्यागी ने बताया कि अभियोजन के अनुसार राजकुमार मूल रूप से मथुरा के वेस्ट प्रताप नगर का निवासी था और सेक्टर-39 थाना क्षेत्र की सदरपुर कॉलोनी में किराये पर रहकर एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत था। कई दिनों तक संपर्क न होने पर परिजन नोएडा पहुंचे तो कमरे का ताला बाहर से बंद मिला। ताला खोलने पर राजकुमार का शव बिस्तर पर निर्वस्त्र अवस्था में पड़ा मिला। इसके बाद मृतक के भाई ललित कुमार ने हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया। मृतक के गायब मोबाइल फोन की आईएमईआई ट्रैकिंग से पता चला कि उसमें आरोपी आफताब खान के नाम से पंजीकृत सिम सक्रिय है। लोकेशन आसनसोल मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मृतक का मोबाइल और लैपटॉप बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद था और इसी रंजिश में आरोपी ने तकिए के खोल से गला दबाकर हत्या कर दी थी।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के अभाव का हवाला देकर आरोपी को झूठा फंसाए जाने का दावा किया। हालांकि अदालत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यदि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की श्रृंखला पूरी तरह आरोपी की ओर संकेत करती है और किसी अन्य संभावना को समाप्त कर देती है, तो उसी आधार पर दोषसिद्धि की जा सकती है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईएमईआई ट्रैकिंग, बरामदगी और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी का अपराध संदेह से परे सिद्ध करने में सफल रहा। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।