Noida News : ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता: योगी आदित्यनाथ
Noida News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा है कि ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। इसे बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। वह गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में सेल कंपनी द्वारा स्थापित की जा रही सोलर एनर्जी प्लांट के शिलान्यास के अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होने कहा कि वैश्विक ऊर्जा के संकट को भारत ने नजदीक से देखा है, और महसूस किया है। जब कुछ देशों के बीच जारी युद्ध के चलते दुनिया में अचानक पेट्रोलियम पदार्थ की कमी हुई और उसके कारण उत्पन्न स्थिति की वजह से दुनिया के अंदर महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि ऊर्जा का यह संकट कभी भी किसी भी देश की प्रगति मे बाधा उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से 12 वर्ष पूर्व सत्ता संभालते इंटरनेशनल सोलर कन्वेंशन का आयोजन करके दुनिया के देशों को स्वच्छ पर्यावरण युक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पीएम ने ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई और आज इस रणनीति का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य में शामिल है जहां सबसे ज्यादा ग्रीन एनर्जी पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के संकट के दौर में उत्तर प्रदेश में 6 लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता को प्राप्त की हैं। और जिसने भी पीएम सूर्य घर योजना के साथ जुड़कर सोलर पैनल लगाया है उनकी बिजली दिन में तो सोलर पैनल से पर्याप्त मिलती ही है, साथ ही रात्रि की बिजली के खपत के बिल मे भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष के अंदर इस दिशा में बड़े कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि हम आज के दिन पर उत्तर प्रदेश के अंदर जो कार्य कर रहे हैं उसमें हमारा लक्ष्य है कि अगले दो-तीन वर्षों के अंदर उत्तर प्रदेश 20 हजार मेगावाट के ग्रीन एनर्जी के लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अब तक हम इस दिशा में तेजी से आगे बढे हैं। 6 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी हम सोलर से प्राप्त कर रहे हैं। ने कहा कि लोगों के मन में तेजी के साथ ग्रीन एनर्जी का भाव आया है। इसके स्रोत सोलर एनर्जी तो है ही साथ-साथ पराली भी है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे पराली को नष्ट ना करें। पराली से सीएनजी भी बन सकती है। कंप्रेस्ड बायो गैस भी बन सकती है और एथेनॉल का निर्माण भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल की पॉलिसी लागू होने के बाद सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि इसने हमारे शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है। उन्होंने कहा कि पिछला 9 वर्ष के अंदर 3 लाख 22 हजार करोड रुपए केवल गन्ना मूल्य का भुगतान सरकार ने किया है। उन्होने कहा कि आज देश के अंदर सबसे ज्यादा 55 प्रतिशत एथेनॉल का उत्पादन उत्तर प्रदेश कर रहा है। सबसे ज्यादा प्लांट यूपी के अंदर लगे हैं ,और हमारा लक्ष्य की अगले एक वर्ष के अंदर 100 प्लांट यूपी के अंदर स्थापित करें।
Chief Minister of Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 10 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में जंगल गुण्डा राज था। उन्होंने किसानों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए जमीन दी। उन्हें कहा कि पहले यह क्षेत्र अपराध के कारण चर्चित था। कोई किसी की बात सुनता नहीं था। उन्होंने कहा कि 9 साल में ऐसा परिवर्तन हुआ कि भारत का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहीं पर बना है। कमर्शियल फ्लाइट शुरू हो चुकी है। जहां पर जंगल राज चलता था आज वहां पर मंगल ही मंगल है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गौतम बुद्ध नगर के दौरे पर आए। इस दौरान उन्होने यमुना सिटी में 15,023 करोड रुपए की निवेश वाली तीन बड़ी विनिर्माण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन निवेश से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री नोएडा में 390 करोड रुपए की लागत से बने नोएडा विकास प्राधिकरण के नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण करेंगे और 2,478 करोड रुपए की लागत की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री यमुना सिटी के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0) पहुंचेंगे, जहां 15,023 करोड़ रुपये के निवेश वाली तीन औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में 3,250 करोड़ रुपये की लागत से असेंट-के सर्किट्स संयुक्त उपक्रम का इलेक्ट्रॉनिक सर्किट एवं सेमीकंडक्टर सर्किट निर्माण संयंत्र, 3,520 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज का होम एप्लायंसेज एवं कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण प्लांट तथा 8,253 करोड़ रुपये की लागत से सेल सोलर पी-6 का पांच गीगावाट का सोलर सेल और पांच गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण संयंत्र शामिल हैं।
सीईओ ने बताया कि असेंट-के सर्किट्स ईएमसी-2.0 में निर्माण शुरू करने वाली पहली कंपनी होगी। वहीं सेल सोलर पी-6 का संयंत्र उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा प्लांट होगा, जहां सोलर सेल का निर्माण किया जाएगा। अभी प्रदेश में केवल सोलर मॉड्यूल का उत्पादन होता है। इन तीनों निवेशों से यमुना सिटी में इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर करीब 10 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

