Noida News : सपा महानगर अध्यक्ष पद को लेकर घमासान, कई वरिष्ठ नेताओं ने ठोकी दावेदारी
Noida News : समाजवादी पार्टी के नोएडा महानगर अध्यक्ष पद को लेकर कई वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने अपना-अपना दावा ठोका है। सपा के नेताओं का कहना है कि वर्तमान अध्यक्ष पिछले 3 साल से अपने पद पर हैं। लेकिन वह ना तो पार्टी की उपस्थिति शहरी क्षेत्र मे मजबूत तरीके से दर्ज कर पा रहे हैं, और ना ही पार्टी के नेताओं को एक सूत्र में पिरो पा रहे हैं। वह जन सामान्य के मुद्दों पर भी संघर्ष करते हुए दिखाई नही दे रहे हैं।
सपा नेताओं का कहना है कि आलम यह है कि वह बूथ कमेटी भी नहीं बना पाए हैं। बूथ कमेटी बनाने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व को तीन सदस्य टीम नोएडा भेजनी पड़ी है, जो पिछले दो हफ्ते से यहां पर रहकर बूथ कमेटी बनाने में जुटी हुई है। सपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जल्द ही महानगर अध्यक्ष की उनके पद से छुट्टी हो सकती है।
समाजवादी पार्टी के सूत्रों के अनुसार सपा के महानगर अध्यक्ष बनने के लिए पार्टी के कई वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ता कतार में है। जिनमें प्रमुख रूप से पार्टी के महासचिव विकास यादव, विधानसभा अध्यक्ष बबलू चौहान, वरिष्ठ कार्यकर्ता मुकेश यादव, अतुल यादव, विवेक यादव आदि शामिल हैं। वहीं वैश्य समाज से ताल्लुक़ रखने वाले सपा के वरिष्ठ नेता एडवोकेट गौरव सिंघल, खत्री समाज से संबंध रखने वाले सपा प्रवक्ता गौरव चाचरा ने भी महानगर पद के लिए अपनी दावेदारी आला कमान के सामने ठोकी है। समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वर्तमान महानगर अध्यक्ष की छुट्टी लगभग तय है। राष्ट्रीय नेतृत्व उनके काम से खासा नाराज है। उनका कहना है कि वर्तमान महानगर अध्यक्ष की कार्यकारिणी में भी नोएडा महानगर का संपूर्ण सहभागिता नहीं है। उन्होंने अपनी कमेटी में पंजाबी, समाज, वैश्य, पूर्वांचल, बिहार, शहरी मुस्लिम, उत्तराखंडी, ब्राह्मण, दक्षिण भारतीय, बंगाली समाज को तवज्जो नहीं दिया है। जबकि इनकी की कुल संख्या नोएडा विधानसभा की वोटिंग पावर की 90 प्रतिशत के आसपास है। कुछ नेताओं का कहना है कि महानगर अध्यक्ष नोएडा की सक्रियता नोएडा शहर में बिल्कुल नहीं है। वह कुछ ग्रामीण अंचलों में घूम फिर कर अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। जबकि नोएडा विधान सभा सीट पर शहरी मतदाताओं की संख्या 90 प्रतिशत है। यहां की फैक्ट्रियों, आईटी सेक्टर और विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भारत के विभिन्न प्रांतो से आकर रहने वाले लोगों की संख्या लाखों में है। यही लोग नोएडा विधानसभा सीट पर विधायक के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
यहां की सोसाइटियों और सेक्टरों में भी सपा की उपस्थिति ना के बराबर है। जबकि सबसे ज्यादा यहीं पर मतदाता रहते हैं। उनकी विभिन्न प्रकार की समस्याएं सरकार, प्राधिकरण और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन से है। उन्हें एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत भी है, लेकिन उन तक सपा के नेता नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि पूर्व में रहे सपा के पदाधिकारी जैसे की वीर सिंह यादव, राकेश यादव, सुबे यादव, दीपक बिग ने इस पार्टी को शहरी के निवासियों से जोड़ा था। इनके कार्याकाल मे समाजवादी पार्टी को शहरी क्षेत्र से भी खासा समर्थन मिलता रहा। सपा नेता ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की नोएडा विधानसभा सीट पर हालात काफी खराब हो जाएगी।

