Ghaziabad News : केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मिल्क्वीड फसल का किया निरीक्षण

Nov 22, 2025 - 18:10
Ghaziabad News : केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मिल्क्वीड फसल का किया निरीक्षण
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मिल्क्वीड फसल का किया निरीक्षण

Ghaziabad News : केंद्रीय कैबिनेट वस्त्र मंत्री भारत सरकार गिरिराज सिंह ने आज गाजियाबाद के राजनगर स्थित निट्रा टेक्निकल कैंपस में मिल्क्वीड की फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा की ऑक (मिल्क्वीड) पर निट्रा ने शोध करके वस्त्र जगत में क्रांति ला दिया है। इसकी तकनीक को भी निट्रा ने कई नामचीन कंपनियों को स्थानांतरित की है। कई उद्योग तकनीकी प्राप्त करने की बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने देश में पहली बार में मेनिकिन उपकरण निट्रा गाजियाबाद में स्थापित कर देश को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह केवल निट्रा बल्कि गाजियाबाद के लिए भी गौरवशाली दिन है। ऑक की खेती का वस्त्र मंत्री ने निरीक्षण किया। उन्होने बताया कि ऑक की खेती की पूरी परियोजना डॉक्टर एम एस परमार महानिदेशक निट्रा के मार्गदर्शन में चल रही है, और इस खेती में देश की नामचीन संस्था भी योगदान दे रही है। आक के फाइबर की विशेषताओं की स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सराहना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस परियोजना का विशेष रूप से ध्यान रख रहे हैं।

 पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हम राहुल गांधी की तरह हवा में बातें नहीं करते। मिल्कवीड फैब्रिक बनाने के मामले में भारत दुनिया का एकमात्र देश है। यह तकनीकी अभी चीन के पास भी नहीं है। अभी इस प्रणाली में समय की उपलब्धता कम है। जल्द ही इसे बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मिलक्वीड फैब्रिक पशमीना से भी महीन होती है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।

केन्द्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि ये मैनिकिन मशीन ना केवल वस्त्र उद्योग के लिए ही उपयोगी है अपितु लोहा, स्टील, तेल, गैस, पेट्रोलियम, रेलवे, केमिकल्स इत्यादि उद्योगों के लिए भी जरुरी है. साथ ही साथ इस परिक्षण द्वारा उधोगों में काम करने वाले कर्मियों के जान माल की रक्षा की जा सकती है। 

और उन्होंने इस उपकरण की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया की यह उपकरण और परिक्षण विधि वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य करती है जिनमें प्रमुख मानक हैं आपसओ 13506, एएसटीएम- एफ-1930, एनएफपीए- 2112, आईएस- 17881. इस प्रयोग में, अग्निरोधक कपड़े पहने एक जलती हुई डमी को नकली दहन वातावरण में रखा जाता है और एक निश्चित अवधि के लिए आग और ताप में एक्सपोज किया जाता है। मैनीकिन पर लगाये गए 100 से अधिक थर्मल सेंसर का उपयोग परीक्षण किए गए कपड़ों के माध्यम से मानव शरीर के विभिन्न हिस्सों में प्रभाव और चालन को मापने और गणना करने के लिए किया जाता है ।मानव शरीर को गर्मी और तापमान द्वारा जलने की भविष्यवाणी की जाती है और कपड़ों के थर्मल संरक्षण प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह फ्लैश फायर की स्थिति में मानव शरीर, कपड़ों और पर्यावरण के बीच गर्मी के आदान-प्रदान को जल्दी, सटीक और बार-बार संतुलन प्रदान कर सकता है। पूरा मूल्यांकन इस मशीन में लगे संकड़ों सेंसरों और वीडियोग्राफी द्वारा किया जाता है.

डॉ एम् एस परमार ने कहा की इससे हमारे प्रोटेक्टिव क्लोथिंग की महत्ता बढ़ जाती है और हम एक निष्कर्ष पर पहुँच सकते हैं कि किस तरह की इंडस्ट्री में हमारे मजदूरों और कर्मचारियों को किस किस तरह के सुरक्षात्मक कपड़ों की जरूरत है और जैसा केंद्रीय मंत्री ने कहा इससे ना केवल समय और पैसे की बचत होगी बल्कि जान माल की सुरक्षा संभव है जो हमारे देश की प्रगति की नींव है।