Noida News : वेतन बढ़ाने को लेकर श्रमिकों का उपद्रव, वाहनों, फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ कर आगजनी, दर्जनों हिरासत में

Apr 13, 2026 - 19:21
Apr 13, 2026 - 19:23
Noida News : वेतन बढ़ाने को लेकर श्रमिकों का उपद्रव,  वाहनों, फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ कर आगजनी, दर्जनों हिरासत में

Noida News : वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर मैं धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को काफी उग्र और हिंसक हो गया। दो दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की गई। फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की गई, पुलिस पर पथराव हुआ तथा कानून व्यवस्था पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।

 

बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन आज सोमवार को और उग्र हो गया। नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर,नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र, ईकोटेक- प्रथम क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में सुबह से शाम तक मजदूरों ने धरना प्रदर्शन किया । कई जगह पर श्रमिकों ने जाम लगाया। कई जगह पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी नोंक झोंक हुई । कई जगह पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल भी करने पड़े हैं। जबकि कई जगहों पर श्रमिकों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव किया है। श्रमिकों ने उग्र प्रदर्शन के दौरान दो दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की है। कई फैक्ट्रियों में भी तोड़फोड़ की गई है। कई पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। उग्र श्रमिकों ने पुलिसकर्मियों के ऊपर जमकर पथराव किया तथा उनके साथ मारपीट की। कई पुलिसकर्मी इस घटना में घायल हुए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से ज्यादा श्रमिकों को हिरासत में लिया है। वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अन्य की 

गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।

 उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी गठित की है। कमेटी नोएडा पहुंच गई है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाह फैलाने वाले कुछ लोगो के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। धरना प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने मीडिया कर्मियों को भी नहीं बक्शा। "गोदी मीडिया" के नारे लगाते हुए कई मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट की गई, तथा कुछ के कैमरा छीन लिए गए। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह, डीएम मेधा रूपम और पुलिस के आला अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए रखें हुए है तथा मौके पर पहुंचकर य अधिकारी पल-पल की की जानकारी ले रहे है। श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई सख्त कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र में शाम होते-होते सन्नाटा फैल गया। सोशल मीडिया पर फायरिंग की खबर चली और यह प्रसारित किया गया की पुलिस की फायरिंग मे 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 32 घायल हो गए। पुलिस ने इसका खंडन करते हुए कहा कि यह झूठी खबर है। पुलिस ने ट्विटर हैंडल पर यह खबर फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है। उनसे शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि श्रमिक अलग-अलग जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कोई नेतृत्व नहीं कर रहा है। इसकी वजह से भी श्रमिकों तक प्रशासन को अपनी बात पहुंचाने में काफी कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ आगजनी और उपद्रव करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। तोड़फोड़ और उपद्रव करने वालों की वीडियो के आधार पर पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।

Police Commissioner Gautam Buddh Nagar : पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा है कि उनकी ज्यादातर मांगे मान ली गई है। उन्होने लोगों से अपील किया है कि श्रमिक शांति बनाए रखें तथा कानून व्यवस्था को अपने हाथ में ना लें। इसके बावजूद भी श्रमिक आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं है। श्रमिकों के आंदोलन के चलते कई जगह पुलिस को यातायात डायवर्जन करना पड़ा। लोग सुबह से शाम तक ऑफिस से आते- जाते हुए घंटों जाम से जूझते नजर आए। औद्योगिक संगठन के नेता ललित ठुकराल ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है। कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है। इसके बावजूद भी श्रमिक काम पर नहीं लौट रहे हैं।

जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम ने बताया कि उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन की गाइडलाइन के के अनुसार किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाएगा तथा उसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाएगा और यदि रविवार को कार्य कराया जाता है तो उसका भुगतान भी दुगनी दर से किया जाएगा। सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी। साथ ही शिकायत पेटी की स्थापना कर श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक श्रमिक का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख के भीतर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा तथा सभी को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। आंदोलन में सम्मिलित किसी भी श्रमिक या प्रतिनिधि के विरुद्ध कोई उत्पीड़नात्मक अथवा सेवा समाप्ति की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित या लागू की जाने वाली वेतन वृद्धि को प्रभावी तिथि से ही सभी श्रमिकों को प्रदान किया जाए।

उन्होने कहा कि समस्त सेवायोजकों एवं कारखाना प्रबंधन को निर्देशित किया कि उपरोक्त सहमत बिंदुओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि जनपद में औद्योगिक शांति एवं समन्वय बना रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो श्रमिक कार्य करना चाहते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं, जो श्रमिक कार्य नहीं करना चाहते हैं, उनसे कारखाना प्रबंधन द्वारा सौहार्दपूर्ण वार्ता कर शासन की गाइडलाइन के अनुरूप उन्हें समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने कहा कि सभी कारखानों के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे श्रमिकों की सुविधा के लिए क्रियाशील अवस्था में रखे जाएं तथा किसी भी श्रमिकों को असुविधा की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है।