Noida News : वेतन बढ़ाने को लेकर सड़क पर श्रमिकों का संग्राम आगजनी, तोड़फोड़ और कई जगह लगाया जाम
Noida News : वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन आज सोमवार को और उग्र हो गया।
नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र, ईकोटेक- प्रथम क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में सुबह से ही मजदूरों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कई जगह पर श्रमिकों ने जाम लगाया। कई जगह पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी नोंक झोंक हुई है। कई जगह पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल भी करने पड़े हैं। पुलिस के वाहनों में भी श्रमिकों ने तोड़फोड़ की तथा पुलिस की जीप पलट दिया। जबकि कई जगहों पर श्रमिकों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव भी किया है।
मदरसन कंपनी के पास श्रमिकों ने कई कारों में आग लगा दी। कई जगह फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की गई। खबर लिखे जाने तक जाम और तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस के आला अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन श्रमिक अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
Additional Commissioner of Police Noida : अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है। उनसे शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि श्रमिक अलग-अलग जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कोई नेतृत्व नहीं कर रहा है। इसकी वजह से भी श्रमिकों तक प्रशासन को अपनी बात पहुंचाने में काफी कठिनाई हो रही है।
District Magistrate Noida : जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम ने और पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा है कि उनकी ज्यादातर मांगे मान ली गई है। डीएम ने लोगों से अपील किया है कि श्रमिक शांति बनाए रखें तथा कानून व्यवस्था को अपने हाथ में ना लें। इसके बावजूद भी श्रमिक आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं है। श्रमिकों के आंदोलन के चलते कई जगह पुलिस को यातायात डायवर्जन करना पड़ा। लोग सुबह के समय ऑफिस जाते हुए घंटे जाम से जूझते नजर आए। औद्योगिक संगठन के नेता ललित ठुकराल ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है। कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है। इसके बावजूद भी श्रमिक काम पर नहीं लौट रहे हैं।
जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम ने बताया कि उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन की गाइडलाइन के के अनुसार किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाएगा तथा उसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाएगा और यदि रविवार को कार्य कराया जाता है तो उसका भुगतान भी दुगनी दर से किया जाएगा। सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी। साथ ही शिकायत पेटी की स्थापना कर श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक श्रमिक का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख के भीतर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा तथा सभी को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। आंदोलन में सम्मिलित किसी भी श्रमिक या प्रतिनिधि के विरुद्ध कोई उत्पीड़नात्मक अथवा सेवा समाप्ति की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित या लागू की जाने वाली वेतन वृद्धि को प्रभावी तिथि से ही सभी श्रमिकों को प्रदान किया जाए।
उन्होने कहा कि समस्त सेवायोजकों एवं कारखाना प्रबंधन को निर्देशित किया कि उपरोक्त सहमत बिंदुओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि जनपद में औद्योगिक शांति एवं समन्वय बना रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो श्रमिक कार्य करना चाहते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं, जो श्रमिक कार्य नहीं करना चाहते हैं, उनसे कारखाना प्रबंधन द्वारा सौहार्दपूर्ण वार्ता कर शासन की गाइडलाइन के अनुरूप उन्हें समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने कहा कि सभी कारखानों के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे श्रमिकों की सुविधा के लिए क्रियाशील अवस्था में रखे जाएं तथा किसी भी श्रमिकों को असुविधा की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है।

