Noida News : आईएसआई और शहजाद भट्टी से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को यूपी एटीएस ने किया गिरफ्तार

Apr 23, 2026 - 23:01
Noida News : आईएसआई और शहजाद भट्टी से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को यूपी एटीएस ने किया गिरफ्तार
आईएसआई और शहजाद भट्टी से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को यूपी एटीएस ने किया गिरफ्तार

Noida News : यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले दो संदिग्ध आतंकी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी तुषार मेरठ का निवासी है, जबकि दूसरा आरोपी समीर दिल्ली का रहने वाला है। दोनों पिछले काफी समय से आतंकी साजिश से जुड़े थे। दोनों को टारगेट किलिंग और एक्स-मुस्लिम लोगों की हत्या का काम दिया गया था। इसके अलावा भी नए युवकों को आतंकी नेटवर्क से जोड़ने की जिम्मेदारी मिली थी। टारगेट किलिंग करने के बाद दोनों को दुबई भेजने का जिम्मा शहजाद भट्टी ने लिया था। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। 

UP STF : एटीएस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार आतंकवादी निरोधकता दस्ता और आईबी को इनपुट मिला था कि मेरठ की वैष्णो धाम कॉलोनी कंकरखेड़ा निवासी तुषार और दिल्ली निवासी समीर आतंकी गतिविधियों से जुड़े हैं। इनपुट के बाद दोनों की छानबीन शुरू की गई और सोशल मीडिया अकाउंट समेत बाकी निगरानी बढ़ा दी गई। संदिग्ध गतिविधियों के कारण एटीएस (नोएडा यूनिट) ने दोनो को गिरफ्तार कर लिया। एटीएस अधिकारियों की मानें तो दोनों पहले पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े थे। इसके बाद आरोपियों को आईएसआई के एक अधिकारी के संपर्क में लाया गया। दोनों को दिल्ली-एनसीआर समेत बाकी जगहों पर टारगेट किलिंग के लिए तैयार किया जा रहा था, साथ ही इनको गाजियाबाद के हाल ही में हुए सलीम वास्तिक केस की तरह ही एक्स-मुस्लिम को मारने का जिम्मा दिया गया था। जिस तरह से फरवरी 2026 को दो नकाबपोश ने सलीम वास्तिक की गर्दन काट दी थी और कातिलाना हमला किया था, उसी तरह से तुषार और समीर को काम करना था। हालांकि इससे पहले ही एटीएस ने आरोपियों को दबोच लिया। दोनों के मोबाइल जब्त कर फोरेंसिक लैब में डाटा रिकवर किया जा रहा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी से सप्ताह में दो से तीन बार बातचीत होती थी। कुछ रकम शहजाद के लोगों ने पूर्व में दोनों को दी थी। 

एटीएस की पूछताछ में ये बात भी सामने आई कि तुषार ने अपना धर्मांतरण कर लिया है और हिजबुल्लाह अली नाम रख लिया है। धर्मांतरण कहां-कब और किसने कराया, इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है, साथ ही एटीएस को तुषार के पुराने फोन की तलाश है। माना जा रहा है कि इस फोन में काफी डाटा हो सकता है, जिसे तुषार ने कुछ समय पूर्व ही छिपा दिया था।