Noida News : गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में वैदिक मंत्रों से गूंजा परिसर, नारी शक्ति ने लिया राष्ट्र उत्थान का संकल्प
Noida News : गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय परिसर शनिवार को उस समय वैदिक मंत्रों और राष्ट्र वंदन के स्वर से गुंजायमान हो उठा, जब प्रेरणा विमर्श 2026 के शुभारंभ अवसर पर 108 कुंडीय ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ का आयोजन किया गया। यज्ञ में लगभग 1200 माताओं बहनों ने सहभागिता की। प्रत्येक हवन कुंड पर करीब 10 से 11 महिलाओं ने एक साथ बैठकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति के लिए आहुतियां अर्पित कीं।यज्ञ का दृश्य अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक रहा। एक साथ 108 हवन कुंडों में प्रज्ज्वलित अग्नि, वैदिक मंत्रों का सामूहिक उच्चारण और बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया।
कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की मुख्य कार्यवाहिका सीता अन्नदानम गायित्री मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। नारी शक्ति : संस्कार, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का आधार बताकर महिलाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्य के लिये प्रेरित किया। अरुणा सिंह जी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेरणा शोध संस्थान न्यास की अध्यक्षा प्रीति दादू ने की।
कार्यक्रम से पूर्व सर्वप्रथम प्रातःकाल विश्वविद्यालय परिसर में स्थित भगवान बुद्ध, भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर सहित बौद्ध भिक्षुओं की प्रतिमाओं का प्रेरणा विमर्श 2026 के संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह के द्वारा पुष्पार्चन एवं माल्यार्पण किया गया। दोपहर में विद्यालय परिसर के मुख्य ऑडिटोरियम में लगाई गई भव्य प्रेरणा विमर्श प्रदर्शनी का उद्घाटन सीता अन्नदानम गायित्री जी द्वारा सम्पन्न हुआ।
प्रेरणा विमर्श की सचिव मोनिका चौहान ने बताया कि प्रेरणा शोध संस्थान न्यास द्वारा प्रत्येक वर्ष प्रेरणा विमर्श के शुभारंभ अवसर पर नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2023 में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुई इस यज्ञ परंपरा ने निरंतर विस्तार पाया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 108 कुंडों पर लगभग 1200 महिलाओं की सहभागिता ने यज्ञ को पहले की अपेक्षा और अधिक भव्य एवं व्यापक स्वरूप प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण की परंपरा भी है। इसी भाव को केंद्र में रखते हुए नारी शक्ति को राष्ट्र निर्माण की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास इस आयोजन के माध्यम से किया जा रहा है।
"उत्कर्ष" नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ विषय पर आयोजित प्रेरणा विमर्श 2026 में नारी सम्मान, युवा शक्ति, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया । नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ को इसी विमर्श की भावभूमि के रूप में आयोजित किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार, प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

