Noida News : साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला: हाई लेवल तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की शुरू
Noida News : माँल के बेसमेंट के लिए नोएडा के सेक्टर 150 में खोदे गए गहरे गड्ढे में भरे पानी में कार सहित डूबकर युवा सॉफ्ट इंजीनियर युवराज की हुई मौत के मामले की जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यी विशेष जांच टीम ने आज से अपनी जांच शुरू कर दी है। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर के नेतृत्व में तीन सदस्यी टीम ने जांच शुरू की है। एडीजी भानु भास्कर, मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय वर्मा सुबह करीब 12 बजे सबसे पहले नोएडा विकास प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे। यहां से उन्होंने अपनी विधिवत जांच शुरू की। अधिकारियों ने जिस जगह घटना हुई उसे प्रोजेक्ट की फाइल खंघाली, कौन-कौन लोग इसके लिए जिम्मेवार हैं, उसकी जांच की। जांच कमेटी के लोगों ने नोएडा प्राधिकरण के कई अधिकारियों से बातचीत की तथा उनकी भूमिका और दायित्व के बारे में अपनी जांच को आगे बढ़ाया। कमेटी के सदस्यों ने मृतक के परिजनों से भी मुलाकात की। इसके बाद कमेटी के सदस्य विभिन्न जगहों पर जाएंगे तथा लोगों से बातचीत करेंगे। चर्चा है कि घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे, और आम जनता के कुछ लोगों से भी बात करेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस घटना की रिपोर्ट 5 दिन के अंदर तलब की है। मेरठ के मंडलायुक्त मेरठ से नोएडा पहुंचे जबकि एडीजी किसी कार्यवश दिल्ली गए थे, वहां से वह नोएडा पहुंचे। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को उनके पद से हटाकर उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया था, अभी तक नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। इसको लेकर भी तरह-तरह की चर्चा है। नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक भी थे। हाल में वह वह विवादों में आए जब मेट्रो रेल के नववर्ष के कैलेंडर में उनकी सितार बजाते हुए तस्वीर छपी थी। हालांकि तब वह कार्रवाई से बच गए थे। और राज्य सरकार ने प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) महेंद्र प्रसाद को हटा दिया था।
इंजीनियर की मौत के मामले में नोएडा पुलिस आज उसकी कार को बेसमेंट के गहरे पानी से हाइड्रा और गोताखोर की मदद से निकाल रही है। मौके पर फायर पुलिस भी मौजूद है। मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज के पिता की शिकायत पर दो बिल्डरों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। थाना नॉलेज पार्क पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर सेक्टर 150 के आसपास बनी सोसाइटीज के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने इस मामले को लेकर दो दिनों तक सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नोएडा विकास प्राधिकरण को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया। लोगों का आरोप है कि नोएडा विकास प्राधिकरण की लापरवाही के चलते यह घटना हुई। लोगों के अनुसार ना तो क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगी है, ना ही सड़के ठीक है। इस मामले में नोएडा विकास प्राधिकरण के जेई सहित कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई पूर्व में हुई थी, लेकिन सोसाइटी के लोग इससे संतुष्ट नहीं थे।
मालूम हो की 17 जनवरी की रात को सेक्टर 150 की एक सोसाइटी में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज उम्र 27 वर्ष गुरुग्राम स्थित अपनी कंपनी से देर रात को निकलकर नोएडा स्थित घर आ रहे थे। उनकी कार अनियंत्रित होकर सेक्टर 150 के पास गहरे नाले को कूदते हुए बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए पानी से भरे करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। कुछ देर तक कार पानी के ऊपर तैरती रही। युवराज कार की छत पर चढ़कर काफी देर तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। उन्होंने अपने पिता को फोन करके घटनास्थल पर बुलाया। उनके पिता ने पुलिस को फोन किया मौके पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर बिग्रेड की टीमे आई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सुबह 4 बजे तक चले रेस्क्यू के दौरान युवराज का शव तो बरामद किया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस बात को लेकर मृतक के परिजनों और आसपास की सोसाइटी में रहने वाले लोगों में रोष व्याप्त हो गया। लोगों ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया।

