Noida News : वायरलेस विभाग से रिटायर्ड अधिकारी को 6 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके 24 लाख रुपए की ठगी

Jun 29, 2025 - 22:58
Noida News : वायरलेस विभाग से रिटायर्ड अधिकारी को 6 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके 24 लाख रुपए की ठगी
Digital Arrest Symbolic Image

Noida News : साइबर अपराधियों ने धन शोधन केस में फंसाने की धमकी देकर वायरलेस विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) रखकर साढ़े चौबीस लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने ( Cyber Crime Police Station Noida) की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-82 निवासी सुखदास ने बताया कि वह वायरलेस विभाग से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में अकेले रहते हैं। जून के दूसरे सप्ताह में उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताया। उसने कहा कि कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कई सिम निकलवाई गई हैं।

Cyber Crime Police Station Noida News : उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल बैंक खातों को खुलवाने में भी किया गया है। संबंधित सिम और खातों का धन शोधन केस में इस्तेमाल हुआ है। आधार कार्ड के पते से, जो पार्सल भेजा गया है, उसमें ड्रग्स समेत अन्य सामान भी मिला है। ऐसे में पुलिस और सीबीआई जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। इसके बाद कॉलर ने कॉल पुलिस अधिकारी को ट्रांसफर कर दी। पुलिस अधिकारी की ओर से पीड़ित को बताया गया कि मामला काफी संवेदनशील है। मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। कथित पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित से कहा कि अगर वह चाहते हैं कि उसकी जांच और सुनवाई डिजिटल तरीके से हो तो उन्हें वीडियो कॉल पर रहना होगा। किसी को भी इसके बारे में जानकारी नहीं देनी होगी। अगर जानकारी दी तो उनके साथ उसके परिवार को भी जेल जाना होगा। 12 जून को ठगों ने सुखदास को डिजिटल अरेस्ट किया और पूछताछ करनी शुरू की। बैंक खाते समेत निजी जानकारी एकत्र की। इसके बाद बताया गया कि उनके खाते में जितनी भी रकम है, उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर करना होगा। जांच के बाद पूरी रकम मूल खाते में वापस आ जाएगी। खाते में जमा रकम की निगरानी और जांच आरबीआई प्रबंधन की ओर से की जाएगी। इसी दौरान ठगों ने गिरफ्तारी वारंट भी पीड़ित के मोबाइल पर भेज दिया। डरे सहमे सुखदास ने ठगों की बात मान ली और उनके द्वारा बताए गए खातों में रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी। 18 जून तक ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट करके रखा और पांच से अधिक बार में 24 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।

 

ऐसे हुआ पीड़ित को शक: सुखदास पर जब और रुपये जमा करने का दबाव बनाया जाने लगा, तब उन्हें ठगी की आशंका हुई। रुपये वापस मांगने पर ठगों ने पीड़ित से संपर्क तोड़ दिया। दोबारा जब संबंधित नंबर पर पीड़ित ने कॉल की तो नंबर बंद आने लगा। इसके बाद ठगी की जानकारी सेवानिवृत्त अधिकारी ने घर के अन्य सदस्यों को दी।

 साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। ठगी की रकम को फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंक के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि किराये के खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई।

DCP Cyber Crime - "पुलिस ऑनलाइन पूछताछ नहीं करती"  : डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया अगर कोई ऑनलाइन गिरफ्तारी या पूछताछ करने का डर दिखाए तो घबराएं नहीं। पुलिस या कोई अन्य एजेंसी कभी ऑनलाइन पूछताछ नहीं करती है। पूछताछ के लिए बाकायदा समन भेजा जाता है। अगर आपने पार्सल नहीं भेजा है तो डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। ठगी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। ठगी की जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम वापसी की संभावना भी उतनी ही रहेगी।