Noida News : नोएडा बवाल में फंस गई आरजेडी प्रवक्ता कंचना और प्रियंका भारती, कांग्रेस के दो नेताओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज
Noida News : सोमवार को नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में वेतन बढ़ाने को लेकर मजदूरों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने के उद्देश्य से कहीं और की वीडियो को नोएडा की घटना दिखाकर पोस्ट करने और माहौल को खराब करने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल के दो प्रवक्ताओ, कांग्रेस की सोशल मीडिया के समन्वयक सहित 6 लोगों को नामित करते हुए नोएडा पुलिस ने साइबर क्राइम थाना और थाना सेक्टर 20 में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि नोएडा की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ वीडियो प्रसारित कर सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल की प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)(बी), सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66 और 66 (डी) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि उप निरीक्षक सुशील कुमार की शिकायत पर 14 अप्रैल की रात को इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि इनके द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो हैंडल से की गई पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक शांति एवं कानून व्यवस्था को भंग करने का गंभीर आरोप लगा है। ट्विटर कर्ता प्रियंका भारती ने अपने ट्वीटर हैंडल से एक पोस्ट किया, जिसमें उसने एक वीडियो पोस्ट करते हुए इसे नोएडा की बताया है, और टाइटल में लिखा है कि "नोएडा में कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनकी न्याय संगत मांगों को सरकार इस बेदर्दी से कुचलती हुई" वही दूसरे ट्वीट कर्ता डॉक्टर कंचना यादव ने अपने एक हैंडल पर ट्वीट करते हुए पोस्ट किया है कि "गोदी मीडिया मजदूरों का पाकिस्तान कनेक्शन बता रही है, तो नोएडा पुलिस लात मारकर सैलरी बढ़ा रही है" इस बीच मोदी जी ने पश्चिम बंगाल में कसम खाई है कि वह उन्हीं के लिए जिएंगे और उन्हीं के लिए मरेंगे। क्योंकि वहां चुनाव जो है। उक्त दोनों पोस्ट में उल्लेखित वीडियो 11 अप्रैल की मध्य प्रदेश के शहडोल जनपद के बुढार थाना क्षेत्र की है। एक युवक द्वारा वहां पर नशे की अवस्था में हंगामा किया जाने का है। जिसे प्रियंका भारती एवं डॉक्टर कंचन यादव द्वारा भ्रामक रूप से जनपद गौतम बुद्ध नगर की घटना बताकर प्रसारित किया गया। उनके अनुसार यह पूर्णतया असत्य एवं भ्रामक है। उक्त दोनों ट्वीट कर्ता द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किए गए इस सत्य कथन का तात्कालिक परिणाम यह हुआ कि नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में जनता में आक्रोश एवं भय व्याप्त हो गया, जिसके कारण कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आम जन्म में स्थिति को सामान्य करने हेतु स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किया गया। उक्त दोनों पोस्ट के कारण आसपास के क्षेत्र में भय और अविश्वास का वातावरण व्याप्त हो गया है। इससे पुलिस की छवि खराब हुई है।
उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में उप निरीक्षक अनिल कुमार ने थाना सेक्टर 20 में अनुषि तिवारी तथा मीर इलियास (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नामित सोशल मीडिया समन्वयक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1) और 353(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया। जिसमें इन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जेन- जी प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई है, तथा यूपी पुलिस द्वारा चलाई गई गोली के कारण 14 लोगों की मृत्यु हो गई और 32 लोग घायल हो गए हैं। उक्त पोस्ट में ओन्ली कांग्रेस कैंन सेव इंडिया लिखकर एक राजनीतिक दल विशेष के प्रति झुकाव दर्शाया गया। इसी क्रम में दूसरे आरोपी मीर इलियास ने स्वयं को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नामित सोशल मीडिया समन्वयक बताता है, उसने झूठी सूचना को आगे बढ़ाते हुए लिखा है कि नोएडा से अपुष्ट आंकड़े प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें 14 मृत और 32 घायल बताए जा रहे हैं, तथा उसने सवालिया लहजे में लिखा है कि भाजपा कहां है, शेष नेतृत्व कहां है। उक्त दोनों पोस्ट में वर्णित पुलिस फायरिंग और मृत्यु के आंकड़े पूर्णतः निराधार, काल्पनिक एवं झूठे हैं ,तथा उनकी वास्तविकता से कोई पुष्टि नहीं होती है। दोनों ही खातों का राजनीतिक दल विशेष कांग्रेस से संबंध परिलक्षित होता है। उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किए गए इस असत्य कथन का तात्कालिक परिणाम यह हुआ कि नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में जनता में रोष एवं भय व्याप्त हो गया। एवं हिंसा उग्र हो गई। उग्र भीड़ ने ईट पत्थर चलाते हुए गाली गलौज करते हुए पुलिस पर हमला कर दिया। इस घटना में कई पुलिस वालों को गंभीर चोट आई।
पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में तैनात उप निरीक्षक सुशील कुमार ने बीती रात को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 14 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स पर एक पोस्ट की गई। जिसके माध्यम से सार्वजनिक शांति एवं कानून व्यवस्था को भंग करने का गंभीर अपराध प्रकाश में आया है। उनके अनुसार यूजर आरोपी जितेंद्र कुमार दौसा ने अपने फेसबुक हैंडल से पोस्ट किया जिसमें उसने एक वीडियो पोस्ट करते हुए इसे नोएडा की घटना बताया और उस वीडियो पर कैप्शन में लिखा कि लात से क्यों मार रहे हो, लाठी कहां है आपकी। मजदूर हैं एनकाउंटर कर भी दोगे तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नोएडा प्रदर्शनकारी फलादी बाजार न्यूज़ के उक्त पोस्ट में उल्लेखित वीडियो मध्य प्रदेश के जनपद शहडोल के थाना बुढार क्षेत्र की है। जहां पर नशे की अवस्था में एक युवक द्वारा हंगामा किया गया था, जिसे आरोपी जितेंद्र शर्मा दौसा द्वारा भ्रामक रूप से जनपद गौतम बुद्ध की घटना बताकर प्रसारित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने कई भड़काऊ वीडियो और असत्य वीडियो डालकर नोएडा में हुए मजदूर आंदोलन को हवा दी। उनके अनुसार उक्त पोस्ट के कारण आसपास के क्षेत्र में भय और अविश्वास का वातावरण पैदा हुआ तथा पुलिस की छवि धूमिल हुई। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)( बी), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की धारा 66 और 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

