Noida News : हिंसक प्रदर्शन के बाद पटरी पर लौटी नोएडा की औद्योगिक इकाइयां, पुलिस ने किया जगह-जगह फ्लैग मार्च

Apr 15, 2026 - 11:20
Noida News : हिंसक प्रदर्शन के बाद पटरी पर लौटी नोएडा की औद्योगिक इकाइयां, पुलिस ने किया जगह-जगह फ्लैग मार्च
हिंसक प्रदर्शन के बाद पटरी पर लौटी नोएडा की औद्योगिक इकाइयां, पुलिस ने किया जगह-जगह फ्लैग मार्च

Noida News : नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बीते एक हफ्ते से जारी हिंसक धरना प्रदर्शन के बाद आज ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां और शैक्षणिक संस्थान खुले। यहां पर काम करने वाले श्रमिक भी काम करने के लिए पहुंचे। उपद्रवियों की पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारी के चलते काफी कंपनियों में उपस्थिति कम रही। श्रमिक डरे हुए हैं कि कहीं उन्हें उपद्रवी मानकर गिरफ्तार न कर लिया जाए। आज सुबह कुछ जगहों पर श्रमिक अपनी मांगों को लेकर इकट्ठा होना शुरू हुए जिन्हें पुलिस और जिला प्रशासन के अफसर ने समझा- बूझाकर वापस काम पर भेज दिया। अगर कही पर किसी ने उग्र होने का प्रयास किया तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई हाई पावर कमेटी की संस्तुति पर कल यहां के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का 21 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की गई है। इससे भी काफी श्रमिक संतुष्ट हैं। जबकि कुछ श्रमिक इससे संतुष्ट नहीं है। वही आज सुबह से ही पूरे क्षेत्र में पुलिस के अधिकारी भ्रमणशील हैं।

 पुलिस द्वारा जगह-जगह फ्लैग मार्च निकाला गया और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

 

नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन से बेपटरी हुई व्यवस्थाओं को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए शासन-प्रशासन ने सख्ती दिखाकर कमर कस ली है।चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों के साथ चौकियां बनाकर पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी खुद जाकर जायजा ले रहे हैं। अन्य अफसर फ्लैग मार्च कर निगरानी कर रहे हैं। आज बुधवार को करीब 11,098 औद्योगिक इकाइयां और शैक्षणिक संस्थान खुलें। कुछ शैक्षणिक संस्थानों पर भी आज सुबह को मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों ने समझा- बूझाकर वापस काम पर भेज दिया।पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिक एवं छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है।

मालूम हो की करीब एक हफ्ते से चल रहा है श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन बीते हिंसक हो गया। बढ़ोतरी की मांग पर नोएडा की औद्योगिक सेक्टरों में श्रमिकों ने जमकर उपद्रव किया था। इस दौरान करीब 500 औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की गई। सड़क पर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कार सर्विस सेंटर के बाहर खड़े वाहनों को आगे के हवाले कर दिया गया।कामगारों के इस उपद्रव से उद्यमियों में दहशत फैल गई। इसके बाद औद्योगिक संगठनों ने शासन प्रशासन पर दबाव बनाया। इस बीच ऐलान किया कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक इकाइयों का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाएगा। उद्यमियों के इस ऐलान के कारण मंगलवार को जिले के ज्यादातर इकाइयों का संचालन पूरी तरह से बंद रहा। आज औद्योगिक इकाइयां व शैक्षणिक संस्थान खुलने से पहले पुलिस प्रशासन ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में छह हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया है।इसके अलावा सहारनपुर, आगरा, मुजफ्फरनगर, मथुरा, बुलंदशहर, सिकंदराबाद समेत दस अन्य जिलों के पुलिस बल को स्टैंडबाय पर रखा गया है। सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को फोर्स तैयार रखने के लिए मैसेज भी भेजा है।

Police Commissioner Gautam Buddh Nagar : पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अपील करते हुए कहा कि नोएडा की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिक अपने काम पर लौट आएं। उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाई और शैक्षणिक संस्थान खुलने के दौरान यदि किसी तत्व ने उपद्रव या हिंसा करने प्रयास किया तो अर्धसैनिक बल एवं पुलिस ऐसे तत्वों को तत्काल चिह्नित कर सख्ती से निपटेगी। उन्होंने बताया कि सुबह से ही संवेदनशील क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के अधिकारी जगह-जगह फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर असामाजिक तत्वों ने माहौल खराब करने का प्रयास किया, जिनके साथ सख्ती से निपटा गया। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्दोषों के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी, और दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा।