Noida News : राजनीति और पत्रकारिता के पुरोधा बालवीर पुंज का निधन
Noida News : वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज का 76 साल की उम्र में बीती रात को निधन हो गया। वह नोएडा के सेक्टर 47 में रहने वाले अपने बड़े भाई के घर पर मौजूदा समय में रह रहे थे। उनके परिजनों ने उपचार के लिए उन्हें नोएडा के मेट्रो अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहां पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। बलबीर पुंज दो बार राज्यसभा सदस्य रहे। इसके अलावा वह एक जाने-माने पत्रकार और लेखक तथा विचारक भी थे। उनकी मौत की सूचना पाकर भारतीय जनता पार्टी सहित विभिन्न पार्टियों के बड़े-बड़े नेता उनके आवास पर सुबह से ही शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। उनकी मौत पर देश के प्रधानमंत्री से लेकर बड़े-बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। वह नोएडा के सेक्टर 17 में अपने परिवार सही तरह रहे थे। मौजूदा समय में उनके घर में काम हो रहा था, इसलिए वह अपने बड़े भाई के सेक्टर 47 स्थित घर में रह रहे थे।
उन्होंने पत्रकारिता के दौरान देश के सामाजिक और राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी पैनी लेखनी से गहरा प्रभाव छोड़ा। उनकी चर्चित पुस्तकों में 'ट्रिस्ट विद अयोध्या: डीकोलोनाइजेशन ऑफ इंडिया' और 'नैरेटिव का मायाजाल' शामिल हैं, जिनमें उन्होंने भारतीय समाज और वैचारिक विमर्श का गहराई से विश्लेषण किया है। बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति का रुख किया और भाजपा के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वे दो बार राज्यसभा सांसद रहे और पार्टी के भीतर विभिन्न महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों पर कार्य किया। उन्होंने गुजरात सहित कई राज्यों के प्रभारी के रूप में भाजपा को मजबूती प्रदान की।
उनकी मौत पर शोक व्यक्त करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स पर एक पोस्ट करके गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने उन्हें एक 'प्रखर लेखक और सार्वजनिक बुद्धिजीवी' बताया। प्रधानमंत्री ने लिखा, "बलबीर पुंज जी एक विपुल लेखक, विचारक और सार्वजनिक बौद्धिक व्यक्तित्व थे। मीडिया में उनका योगदान अतुलनीय है। उनके लेखन में राष्ट्रीय पुनरुत्थान के प्रति उनका जुनून स्पष्ट झलकता था। संसद में उनके हस्तक्षेप तथ्यों और सिद्धांतों से भरपूर होते थे। उन्होंने छात्रों, पेशेवरों और विद्वानों के बीच भाजपा को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए।" पीएम मोदी ने उन दिनों को भी याद किया जब पुंज गुजरात के प्रभारी थे। उन्होंने कहा कि उनके साथ हुई चर्चाएं हमेशा यादगार रहेंगी।
बलबीर पुंज को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने हमेशा तथ्यों और शोध पर आधारित राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने विशेष रूप से बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और युवाओं के बीच राष्ट्रवादी विचारधारा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन को वैचारिक और राजनीतिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
बलबीर पुंज का जन्म 2 अक्टबूर 1949 को पंजाब के गुरुदासपुर जिले में हुआ। चूंकि परिवार दिल्ली में था, इसलिए उन्होंने शिक्षा-दीक्षा देश की राजधानी दिल्ली से ही ग्रहण की। बाल्यकाल में ही पुंज राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और कॉलेज जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता भी रहे। पुंज ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की दिल्ली ईकाई में प्रदेश मंत्री, प्रदेश महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का भी निर्वाहन किया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में बलबीर पुंज ने राष्ट्रवादी अंग्रेजी समाचारपत्र मदरलैंड से पदार्पण किया, उस समय अधिकतर अंग्रेजी समाचारपत्रों पर वामपंथियों का खासा प्रभाव था। लेखन कार्य के साथ-साथ पुंज की नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (एन.यू.जे.) में भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही। उन्होंने एन.यू.जे. में उपाध्यक्ष और महामंत्री का पद भी संभाला।
एक कुशल पत्रकार के रुप में पुंज ने 25 वर्षों तक इंडियन एक्सप्रेस समूह में कार्य किया और 1995 में फाइनेंशियल एक्सप्रेस में सीनियर एडिटर के पद से त्यागपत्र देकर ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स में बतौर कार्यकारी संपादक के रुप में कार्य किया। 1998 में भारत सरकार ने बलबीर पुंज को भारतीय जन संचार संस्थान के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया।
उन्होने वर्ष 2000-2006 तक उत्तरप्रदेश और 2008-2014 तक ओडिशा से भाजपा सांसद के रुप में राज्यसभा की कार्यवाही में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भाजपा संगठन में भी उनकी महती भूमिका रही। वह पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री और अखिल भारतीय उपाध्यक्ष भी रहे। पार्टी ने पुंज को केरल, पंजाब, गुजरात और हिमाचल प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण प्रदेशों का प्रभारी भी नियुक्त किया।
पिछले दो दशकों से अधिक समय से बलबीर पुंज निर्भिकता के साथ राष्ट्रीय राजनीति और आर्थिक विषयों पर देश के कई महत्वपूर्ण समाचारों और पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन कर रहे है। उनका दैनिक , अमर उजाला, (पंजाब केसरी, जालंधर के सभी संस्करण हिंदी, पंजाबी और उर्दू-) में उनका हर सप्ताह लेख प्रकाशित होता है। अंग्रेजी समाचारपत्र पॉयनियर और न्यू इंडियन एक्सप्रेस में लिखा गया स्तंभ खासा लोकप्रिय रहा है। समय-समय पर पुंज के लेख इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, मेल टुडे जैसे अंग्रेजी समाचारपत्रों और आउटलुक जैसी पत्रिकाओं में भी नियमित रुप से प्रकाशित होते रहे है।

