Greater Noida News : हत्या के आरोपी तीन सगे भाइयों को उम्रकैद, चौथे को पांच साल की सजा

Sep 26, 2026 - 20:06
Greater Noida News :  हत्या के आरोपी तीन सगे भाइयों को उम्रकैद, चौथे को पांच साल की सजा
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Greater Noida News : थाना सूरजपुर क्षेत्र के बहुचर्चित रोबिन सिंह हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने गांव पाली निवासी सुबोध, रवि और सागर को हत्या का दोषी करार देते हुए 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषियों को एक वर्ष दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए बागपत निवासी मनीष को साक्ष्य मिटाने के अपराध में पांच वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

अदालत ने मामले में आरोपी बनाई गई सुबोध, रवि और सागर की मां अंजू तथा बहन मोनिका को साक्ष्यों के अभाव और संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

एडीजीसी अपराध धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि फरवरी माह वर्ष 2022 में गांव पाली निवासी करीब 22 वर्षीय रोबिन सिंह घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला तो पिता ने थाना सूरजपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो रोबिन के साथ अनहोनी की आशंका सामने आई। इसके बाद मामले को हत्या में तरमीम कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के समय दावा किया था कि रोबिन का गांव की ही युवती मोनिका से प्रेम प्रसंग था। वर्ष 2019 में मोनिका की शादी होने के बाद उसने रोबिन से दूरी बना ली थी। पुलिस के मुताबिक, इसके बावजूद रोबिन उसे परेशान करता था। मोनिका ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी थी। इसके बाद हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप था। पुलिस के अनुसार 27 फरवरी को मोनिका ने फोन कर रोबिन को पाली स्थित अपने मायके बुलाया था। वहां उसके भाई सुबोध, सागर और रवि समेत अन्य आरोपी मौजूद थे। अभियोजन के मुताबिक, इसी दौरान रोबिन की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और पहचान व साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को कोट नहर में फेंक दिया गया।

एडीजीसी ने बताया कि मामले में सुबोध, सागर, रवि, मनीष, अंजू और मोनिका के खिलाफ आरोप विरचित किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने अदालत में नौ मौखिक साक्षियों को पेश किया। लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सुबोध, रवि और सागर को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। मनीष को साक्ष्य नष्ट करने का दोषी पाया गया, जबकि अंजू और मोनिका को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।