Dadri News : जब तक भाजपा की सरकार है, तब तक संविधान खतरे में : अखिलेश
Dadri News : दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में आयोजित भाईचारा रैली को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान खतरे में है और तब तक रहेगा जब तक भाजपा है। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा की सरकार है तब तक संविधान खतरे में है। उन्होंने कहा कि भाजपा को भीमराव अंबेडकर के संविधान पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने हमें ऐसा हथियार दिया है जो लोहे की तलवार से मजबूत है। उन्होंने कहा कि इसीलिए जब नेता जी ने पार्टी बनाई तो उन्होंने पार्टी का नाम समाजवादी पार्टी रखा। उन्होंने कहा कि आज 5 प्रतिशत लोग 95 प्रतिशत लोगों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यही रहा तो देश एक कैसे होगा, और तरक्की कैसे होगी। उन्होंने कहा कि उनकी जो लड़ाई है, वह यह है कि 5 प्रतिशत लोग जो 95 प्रतिशत लोगों का शोषण कर रहे हैं। उनसे 95 प्रतिशत लोगों को बचाना है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपमान, भेदभाव और उत्पीड़न की पीड़ा नहीं झेली है, वे हमारे दुख को नहीं समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह हमदर्दी तो दिखा सकते हैं, लेकिन वे लोग हमारा वह दर्द महसूस नहीं करेंगे, जो मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद हमारे घर को गंगाजल से धुलवाने से हुआ था। उन्होंने कहा कि मंदिर जाने पर मंदिर धुलवाने पर जो मैंने दर्द महसूस किया था। उन्होंने कहा कि हम ऐसे नकारात्मक लोगों को मिटाना नहीं चाहते हैं। बस समझाना चाहते हैं कि अब समय बदल गया है। पीडीए समाज एकजुट हो गया है। अभी भी मौका है पीडीए समाज विरोधी लोग, अपनी भेदभाव वाली नकारात्मक राजनीति को छोड़ दो, नहीं तो उनका भविष्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज उनके झंडे उतर गए हैं। कल वे सत्ता के सिंहासन से भी उतार दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केवल सामाजिक और मानसिक परिवर्तन लाने का हमारा बहुत बड़ा सकारात्मक आंदोलन है, जिसकी शुरुआत हम लोग आज दादरी से करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीडीए के लोग यह जानते हैं, महसूस करते हैं कि उनके साथ भेदभाव हुआ। उनके साथ भेदभाव हुआ। समय-समय पर उनका अधिकार और सम्मान छीना जाता रहा है। उन्होंने कहा कि पीडीए के लोगों का ही नहीं, उनके घर- परिवार के लोग भी महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि शांत मन से सोचो और याद करो पीडीए समाज के होने के नाते आपको और आपके परिवार के बड़े बुजुर्गों को बेटी बहनों को कब और कहां कितना अपमानित और उत्पीड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि कभी गांव में, कभी पंचायत में, कभी स्कूल में, कभी फैक्ट्री -कारखाने, कभी कार्यालय में और न जाने कहां-कहां पीडीए के लोगों का उत्पीड़न और तिरस्कार हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी योग्यता और प्रतिभा पर कैसे-कैसे कटाक्ष हुए हैं, और हम किस तरह से अहंकारी लोगों के छिंटा-कशी के शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये अहंकारी लोग पीडीए के लोगों को समय-समय पर अपमानित करते हैं। उन्होने कहा कि सिर्फ न्याय की मांग से काम नहीं चलने वाला है। हमें सामाजिक न्याय का राज लाना होगा। उन्होंने कहा कि अब पीडीए की ताकत को कोई रोकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब बदलाव सिर्फ बात से नहीं आएगा। मिल- बैठकर खुद समझने और समझाने से आएगा। उन्होंने कहा कि हमेशा से समाज में दो ही तरह के लोग रहे हैं। एक तरफ उत्पीड़न और उपेक्षा करने वाले अहंकारी लोग, और दूसरी तरफ उत्पीड़न और उपेक्षित लोग। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि जुल्म सदैव निर्धन और निर्बल लोगो पर होता है। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि नोएडा में हम नहीं आते हैं, लोग कहते हैं इस बात को लेकर अंधविश्वास था, लेकिन हम उनको बता देना चाहते हैं। भाजपा के दोनों बड़े नेता मोदी और योगी ने मिलकर अपने कार्यकर्ताओं के घर पर उतनी चाय नहीं पी होगी, जितना हमने अपने कार्यकर्ताओं के घर पर जाकर चाय पिया है, और उन्हें सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि नोएडा के विकास के लिए समाजवादियों का योगदान कोई भूला नहीं सकता। वे लोग यह भी भूल गए कि जिस मेट्रो में बैठकर उन्होंने उद्घाटन किया था, दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाली, और नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली मेट्रो समाजवादी सरकार ने बनाई थी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सामाजिक न्याय का राज लाने के लिए हम पीडीए के लोग मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं। उन्होंने इस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों का नाम लेते हुए कहा कि जब उनकी सरकार बनेगी तो उनके स्मारक लखनऊ में भी बनाए जाएंगे।
उन्होंने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर जेवर में की गई प्रधानमंत्री की रैली का जिक्र करते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट पर हुई रैली भाजपा के पूरी पार्टी की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से छात्रों को बुलाकर कहा गया कि अगर तुम रैली में शामिल हो गए तो लंबी छुट्टी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का प्रयोग करके रैली में लोगों को बुलाया गया। रैली में सरकारी कर्मचारी हजारों की संख्या में शामिल हुए। रैली में जाने से पूर्व उन्होंने गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। रैली में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे, सांसद इकरा हसन, हरेंद्र मलिक, धर्मेंद्र यादव, रामजीलाल सुमन, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, जावेद अल्वी, सपा के बरिष्ठ नेता वीर सिंह यादव, डॉक्टर महेंद्र नागर सहित सपा के कई वरिष्ठ नेता ,पदाधिकारी मौजूद थे। रैली के संयोजक राजकुमार भाटी के अनुसार रैली में करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों ने भाग लिया है। समाजवादी पार्टी की रैली के चलते करीब 4 किलोमीटर दूर तक दादरी में जाम की स्थिति बनी रही। आलम यह था कि काफी कार्यकर्ता रैली स्थल तक भी नहीं पहुंच पाए। मंच का संचालन प्रदीप भाटी ने किया।
सपा इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का औपचारिक आगाज मान रही है।
दादरी में आयोजित इस रैली को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी के बड़े चुनावी समीकरणों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। रैली के संयोजक राजकुमार भाटी ने बताया कि कि इस आयोजन के जरिए करीब 32 जिलों और 140 विधानसभा सीटों को साधने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी की नजर खासतौर पर जाट और गुर्जर समुदाय पर है, जो इस क्षेत्र की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में दादरी से दिया जाने वाला संदेश इन वर्गों के रुझान को प्रभावित कर सकता है। समाजवादी पार्टी के नेता सुधीर चौहान ने बताया कि वर्ष 2012 में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सपा के अध्यक्ष रहते हुए नोएडा से चुनावी बिगुल फुक था, तथा वह भारी बहुमत से सत्ता में आए थे। उन्होंने कहा कि इस बार भी यहां से सपा ने अपना चुनावी अभियान शुरू किया है, तथा 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।

