Dadri News : दादरी पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, रैली को करेंगे संबोधित

Mar 29, 2026 - 14:38
Mar 29, 2026 - 14:39
Dadri News : दादरी पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, रैली को करेंगे संबोधित
दादरी पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, रैली को करेंगे संबोधित

Dadri News : दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में आयोजित भाईचारा रैली को संबोधित करने के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज दोपहर को पहुंचे हैं। इस रैली में भारी संख्या में सपा के नेता, कार्यकर्ता और आम जनमानस जुटा हैं।

 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुंचे हैं। सपा इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का औपचारिक आगाज मान रही है।

दादरी में आयोजित इस रैली को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी के बड़े चुनावी समीकरणों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। रैली के संयोजक राजकुमार भाटी ने बताया कि कि इस आयोजन के जरिए करीब 32 जिलों और 140 विधानसभा सीटों को साधने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी की नजर खासतौर पर जाट और गुर्जर समुदाय पर है, जो इस क्षेत्र की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में दादरी से दिया जाने वाला संदेश इन वर्गों के रुझान को प्रभावित कर सकता है। समाजवादी पार्टी के नेता सुधीर चौहान ने बताया कि वर्ष 2012 में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सपा के अध्यक्ष रहते हुए नोएडा से चुनावी बिगुल फुक था, तथा वह भारी बहुमत से सत्ता में आए थे। उन्होंने कहा कि इस बार भी यहां से सपा ने अपना चुनावी अभियान शुरू किया है, तथा 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।

गौतमबुद्धनगर का दादरी क्षेत्र लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है। गुर्जर समाज के मजबूत प्रभाव और बड़ी संख्या में मतदाताओं के कारण दादरी को पश्चिमी यूपी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दादरी में होने वाली बड़ी रैलियां अक्सर आसपास के जिलों में भी असर डालती हैं। यही वजह है कि इस बार की रैली पर भी सभी दलों की नजर टिकी हुई है। सपा इस रैली के जरिए ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ-साथ जाट और गुर्जर जैसे प्रभावशाली समुदायों को जोड़ने की कोशिश में है।