Ghaziabad News : टीम दुर्गा को पुलिस आयुक्त ने 25 हजार रुपए का इनाम देकर किया सम्मानित, नवरात्र के पहले दिन महिला पुलिसकर्मियों ने कुख्यात बदमाश को मुठभेड़ के दौरान किया था गिरफ्तार
Ghaziabad News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 0.5 ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। इसके तहत गाजियाबाद की महिला थाना पुलिस की टीम ने नवरात्र के पहले ही दिन यहां एक ऐसा एनकाउंटर किया जिसने इतिहास रच दिया। इसी एनकाउंटर को अंजाम देने वाली महिला पुलिस टीम को गाजियाबाद कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने 25 हजार रुपए का इनाम देकर सम्मानित किया।
पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ ने इसे "टीम दुर्गा" का नाम देकर पुरस्कृत करते हुए खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि इस एक एनकाउंटर ने केवल विभाग में ही नहीं बल्कि पूरे समाज में महिलाओं के प्रति सोच को बदला है। अब तक महिला को कमजोर समझने वाले लोगों की सोच इस एनकाउंटर से जरूर बदलेगी। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस टीम ने बहादुरी का जो परिचय दिया है वो न सिर्फ एक मिसाल है बल्कि बदमाशों के लिए नई चुनौती है। क्योंकि महिला पुलिस टीम ने दर्शा दिया है कि वो भी अब बदमाशों से सीधा लोहा लेने को तैयार हैं।
मालूम हो कि बीते 22 सितंबर को महिला थाना प्रभारी ऋतु सिंह और उनकी टीम की लोहिया नगर में एक बदमाश से उस वक्त मुठभेड़ हो गई थी जब टीम ने उसे देर रात संदिग्ध हालत में स्कूटी पर घूमते हुए रोकने का प्रयास किया था। इस दौरान युवक स्कूटी वापस मोड़कर भागने लगा था लेकिन उसकी स्कूटी फिसल गई। उसके बाद उक्त बदमाश ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। महिला थाने की पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। पुलिस द्वारा चलाई गई गोली बदमाश के पैर में लगी। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम जितेंद्र बताया। उन्होंने बताया कि यह विजयनगर थाने के हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। इसपर जनपद के विभिन्न थानों में लूट और छीनेती के आठ से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से दिल्ली से चुराई गई स्कूटी, एक तमंचा, लूटा गया एक मोबाइल और एक टैब बरामद किया था। यह सिर्फ जनपद ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा एनकाउंटर था जिसे सिर्फ महिला पुलिसकर्मियों ने अंजाम दिया था। इस मुठभेड़ में एक भी पुरुष पुलिसकर्मी शामिल नहीं था।
एसीपी उपासना पाण्डेय ने कहा कि महिला पुलिस टीम की इस बहादुरी के पीछे पुलिस आयुक्त के मोटिवेशन का बहुत हाथ है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को लगातार प्रेरित किया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है। एसीपी ने कहा कि ये सिलसिला अब रुकने वाला नहीं है।

