Noida News : 6 हजार से अधिक दिव्यांग जनों के जीवन में खुशियों की लहर, स्पार्क मिंडा ग्रुप ने लगाया आठ दिवसीय मेगा कैंप
Noida News : स्पार्क मिंडा फाउंडेशन द्वारा आयोजित आठ दिवसीय मेगा कैंप के जरिए 6,395 दिव्यांग लोगों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण, स्किलिंग और आजीविका का अवसर प्रदान किए गए।
स्पार्क मिंडा फाउंडेशन की चेयरपर्सन सारिका मिंडा ने बताया कि स्पार्क मिंडा ग्रुप की कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) शाखा द्वारा 18 से 25 मार्च 2026 के बीच नोएडा स्थित मुख्यालय में दिव्यांग जनों के लिए आठ दिवसीय मेगा कैंप का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस कैंप के माध्यम से 6,395 लोगों को कृत्रिम अंग, आर्थोटिक डिवाइसेज, वॉकर, बैसाखिया, हैड स्टीक, विजुअल और हियरिंग एड जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि मिंडा ग्रुप अपनी सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत देश के विभिन्न जनपदों से दिव्यांग लोगों को ढूंढ कर उन्हें कृत्रिम अंग प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में करीब तीन प्रतिशत लोग दिव्यांग है। मिंडा ग्रुप का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे तथा उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से अब तक ग्रुप ने 38 हजार से अधिक दिव्यांग जनों को सशक्त बनाया है। इससे पहले कुछ वर्षों में स्पार्क मिंडा ग्रुप ने 1,300 से अधिक दिव्यांग जनों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं। बीते एक दशक में ग्रुप ने इंडोनेशिया, वियतनाम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर सहित कई स्थानों पर इस तरह के कैंप आयोजित किए हैं।
उन्होंने कहा कि स्पार्क मिंडा फाउंडेशन का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 50 हजार से अधिक दिव्यांग जनों को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जाए।
इस अवसर पर मौजूद स्पार्क मिंडा ग्रुप के अध्यक्ष अशोक मिंडा ने कहा कि दृष्टि या श्रवण संबंधी बाधाएं किसी व्यक्ति के सपने देखने, योगदान देने और बदलाव लाने की क्षमता को सीमित नहीं करती। स्पार्क मिंडा में हम विविधता, समावेशन, और सामान अवसरों की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ताकि हर व्यक्ति अपनी वास्तविक क्षमता को पहचान सके और उसे साकार कर सके। उन्होने कहा कि इसके लिए उनके ग्रुप ने जयपुर फुट ,स्किल काउंसलिंग फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज, नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, इंडियन बिजनेस एंड डिसेबिलिटी नेटवर्क आदि के संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से इस पहल को और मजबूत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि स्पार्क मिंडा को वर्ष 2024 में नेशनल अवॉर्ड फॉर पर्सन विद डिसेबिलिटीज से भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि मिंडा कॉरपोरेशन आटोमोटिव कॉम्पोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करती है। इसका भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1985 में की गई थी।
कंपनी की मीडिया प्रभारी निधि खन्ना ने बताया कि स्पार्क मिंडा ग्रुप अपनी सोशल रिस्पांसिबिलिटी को निभाते हुए चेन्नई, नागपुर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र स्थित कई जिलों में बंद कैदियों को भी रोजगार उपलब्ध करवा रहा है। वे कैदी जेल में रहते हुए ही कंपनी द्वारा जेल के अंदर स्थापित इकाइयों में काम करके रकम कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था दिव्यांग जनों का स्किल्ड डेवलपमेंट भी करती हैं। तथा दिव्यांग उद्योगपतियों को लोन दिलवाने का काम भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ इस काम मे 30 से ज्यादा सामाजिक संस्थाएं जुड़ी है, जिनके माध्यम से भी विकलांग लोग उनसे संपर्क करते हैं तथा उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है।

