Ghaziabad News : गाजियाबाद की लेडी सिंघम को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गई जेल

Jan 14, 2026 - 19:49
Ghaziabad News : गाजियाबाद की लेडी सिंघम को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गई जेल
गाजियाबाद की लेडी सिंघम को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गई जेल

Ghaziabad News : गाजियाबाद पुलिस की लेडी सिंघम कहीं जाने वाली महिला दरोगा भुवनेश्वरी को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत की रकम लेते रंगे हुए मंगलवार की रात को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन टीम की शिकायत पर साहिबाबाद थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महिला दरोगा पर आरोप है कि उन्होंने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में आरोपी का नाम मुकदमे से बाहर निकालने के लिए 45 हजार रुपये रि‍श्‍वत मांगी थी। महिला दरोगा भुवनेश्वरी पिछले साल गाजियाबाद में हुए यूपी पुलिस के उस पहले महिला पुलिस एनकाउंटर टीम का हिस्सा थी, जिसे केवल महिला पुलिस कर्मियों ने अंजाम दिया था। यह एनकाउंटर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था।

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त केशव प्रसाद ने बताया कि साहिबाबाद में रहने वाले रामपाल सैनी 9 जनवरी को एंटी करप्शन टीम मेरठ को शिकायत की थी। रामपाल का आरोप है कि उनकी बहू की ओर से उनके बेटे के खिलाफ महिला थाने में दर्ज कराए मुकदमे की जांच महिला उपनिरीक्षक भुवनेश्वरी कर रही थी। उन्हें और परिवार के अन्य लोगो को आरोपी बनाने का डर दिखाकर दरोगा द्वारा 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई हैं। मुनेश्वरी ने कहा कि मुकदमे में आपके पुत्र वधू ने केवल आपके बेटे का नाम लिखवाया है। लेकिन उसके बयान में सास, ससुर, ननद का नाम भी लिया है। महिला दरोगा ने पीड़ित से कहा कि यदि तुम एक लाख रुपए दे दोगे तो इस मामले में किसी और का नाम नहीं बढ़ाऊंगी। पीड़ित के अनुसार उसके बेटे गौरव सैनी द्वारा मान मनोवल करने पर विवेचक भुवनेश्वरी ने 45 हजार रुपए लेकर अन्य किसी का नाम मुकदमे की विवेचना में न बढ़ाने के लिए तैयार हुई। शिकायतकर्ता ने विवेचक भुनेश्वरी से कहा कि पैसे का इंतजाम होने पर वह उन्हें दे देंगे।

 उन्होंने बताया कि 8 जनवरी को भुवनेश्वरी ने शिकायतकर्ता के बेटे को फोन करके महिला थाने पर बुलाया। उनसे पैसे की पून: मांग की। जब उनके बेटे ने कहा कि अभी पैसे का इंतजाम नहीं हुआ है तो भुवनेश्वरी ने उसे धमकाते हुए कहा कि 13 जनवरी तक पैसे लेकर आ जाओ नहीं तो इस मुकदमे में सभी का नाम बढ़ा देंगी। पीड़ित के अनुसार मजबूरी बस वह पैसा देने के लिए तैयार हो गया। उन्होंने बताया कि एंटी करप्शन टीम के अनुसार जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि महिला दरोगा की आम शोहरत ठीक नहीं है। वह बिना रिश्वत लिए किसी का काम नहीं करती है। उन्होंने बताया कि एंटी करप्शन की टीम ने गाजियाबाद पुलिस को मामले की सूचना दी। एक टीम बनाकर रिश्वत के लिए नोट की गड्डी को तैयार किया गया। उसमें सोडियम कार्बोनेट के घोल लगाए गए। उनके अनुसार इसी बीच महिलाओं उपनिरीक्षक का फोन शिकायतकर्ता के पास आया, और उसे धमकाया गया। शिकायतकर्ता को महिला ने साहिबाबाद थाने में बुलाया। वहां पर महिला ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के रकम ली।इसी बीच एंटी करप्शन की टीम में उसे दबोच लिया। जब उसका हाथ धुलवाया गया तो पानी गुलाबी हो गया। उसे अलग पात्र में भरकर रखा गया है। आज आरोपी को मेरठ स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

 

रामपाल ने बताया कि करीब दो साल पहले उनके बेटे की शादी हुई थी। बेटे और बहू में झगड़े के बाद बहू ने ससुराल आने से मना कर दिया था। बाद में आने के लिए कहा तो बेटे ने उससे जान का खतरा बताकर ससुराल आने से इन्कार कर दिया था। मामला महिला थाने पहुंचा और काउंसिलिंग के बाद बहू की शिकायत पर बेटे के खिलाफ बीते साल रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद भुवनेश्वरी ने उन्हें फोन कर बुलाया और कहा कि इस केस में तुम्हारा और परिवार के सभी लोगों को भी आरोपी बनाया जाएगा। इससे बचने के लिए एक लाख रुपये मांगे। इसके बाद वह एंटी करप्शन टीम के पास शिकायत लेकर पहुंचे। एडिशनल सीपी ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद महिला दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।